निर्जला एकादशी के अवसर पर नमामि गंगे के स्वयंसेवी सदस्यों ने दशाश्वमेध घाट पर गंगाजल की सफाई की। इस आयोजन का उद्देश्य गंगा जल को प्रदूषित करने वाली सामग्रियों को हटाना और स्वच्छ जल के महत्व को उजागर करना था। नमामि गंगे के स्वयंसेवी सदस्यों ने यह संदेश दिया
कि स्वच्छ जल का सेवन एक स्वस्थ और सुरक्षित जीवन का आधार है। ‘स्वच्छ जल – स्वस्थ समुदाय’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित लोगों ने गंगा जल की सफाई के महत्व पर चर्चा की और जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह भी बताया कि जल ही जीवन है और इसके संरक्षण के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि निर्जला एकादशी का व्रत जहां आध्यात्मिक और शारीरिक शुद्धि का प्रतीक है,
वहीं यह पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संदेश भी देता है। जल और संसाधनों के अपव्यय को रोकने तथा प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर यह पर्व जल के महत्व को रेखांकित करता है। श्रमदान के दौरान प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, राजीव चौबे, रंजन सिंह शामिल रहे।











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