“प्रकृति का संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों का भी अभिन्न हिस्सा, किया आह्वान”
पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का संकल्प नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए। इसी भावना को साकार करते हुए नमामि गंगे द्वारा रविवार को दशाश्वमेध घाट पर गंगा तट की सफाई कर, कचरा न फैलाने और जल स्रोतों को संरक्षित रखने का एक सशक्त संदेश दिया गया । नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने लाउडस्पीकर द्वारा दशाश्वमेध, राजेंद्र प्रसाद, प्रयाग घाट पर उपस्थित हजारों नागरिकों को आवाह्न किया कि पर्यावरण संरक्षण विश्व पर्यावरण दिवस जैसे आयोजनों तक सीमित नहीं होना चाहिए।

इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है । नमामि गंगे की स्वयंसेवी टीम ने नागरिकों के साथ मिलकर गंगा तट पर पड़े धार्मिक निर्माल्य व अन्य कचरों को समेट कर नगर निगम को सुपुर्द किया । गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों का भी अभिन्न हिस्सा है। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता ही सच्ची मानवता है। वेदों से लेकर हमारी परंपराओं तक, प्रकृति को माता का स्थान दिया गया है।
आइए, पर्यावरण संरक्षण को केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करें। आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला, वेदांत मिश्रा, शिवम सरोज, शुभम यादव, अमन गौतम, आदर्श गौतम, देवांश यादव, आयुष कुमार उपस्थित रहे ।











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