चंदौली
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) एवं अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर उत्तर प्रदेश किसान सभा की शहाबगंज मंडल कमेटी ने निचोट कला गांव में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए खरीफ फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की प्रतियां जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों का समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना यानी C2+50 प्रतिशत लागू करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि देश का अन्नदाता आज आर्थिक संकट से जूझ रहा है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसान कर्ज, महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलने को मजबूर हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और लगातार उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद एडवोकेट ने कहा कि जब तक किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक गांव और खेती दोनों संकट में रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करना किसानों के हित में बेहद जरूरी है। यदि सरकार किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में नंदलाल राम, लालजी मास्टर, बडेलाल, छोटेलाल, भोला यादव, श्रीकृष्ण यादव, अरविंद कुमार समेत बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर एमएसपी की प्रतियां जलाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और किसानों के अधिकारों की आवाज बुलंद की।










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