चन्दौली डीडीयू नगर
सेठ एम. आर. जैपुरिया स्कूल्स बनारस की पड़ाव शाखा में छ: दिवसीय ग्रीष्म कालीन प्रशिक्षण शिविर ट्रॉपिकल पैराडाइज़ का समापन समारोह धूम–धाम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की श्रृंखला में सर्वप्रथम बच्चों ने रेन डांस का भरपूर लुत्फ लिया। तत्पश्चात परंपरा का निर्वहन करते हुए मां शारदा एवं तुलसी वेदी के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई।
विगत 19 मई से 24 मई तक चले ट्रॉपिकल पैराडाइज समर कैंप में जिले भर से कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के लगभग 400 बच्चों ने प्रतिभाग किया, जिसमें विभिन्न गतिविधियों को सीखने के साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए मूवी डे, पप्पेट शो एवं मैजिक शो का भी आयोजन किया गया जिसका सभी बच्चों ने मन भर आनंद लिया। अपनी सीखी हुई कलाओं के प्रति भी सभी बच्चे खासे उत्साहित दिखाई पड़ रहे थे।

इस वर्ष दैनिक दिनचर्या के अंतर्गत प्रार्थना सभा में स्टेप ऑफ द डे में ईजी डांस स्टेप्स, एरोबिक्स में संगीत की धुन पर हाथ-पैर और मस्तिष्क के आपसी समायोजन,गायन की कक्षा में ईश भजन, फादर्स डे साॅन्ग और ऐ मालिक तेरे बंदे हम जैसे गीतों का सुरम्य अभ्यास किया। टॉरिन्स ग्रुप के ड्रम सेक्शन में बच्चों ने “रूडी मिंट्स” एवं “कॉमन रॉक ग्रूव” का अभ्यास किया। वहीं कीबोर्ड क्लास में बेसिक एक्सरसाइज, स्केल प्रैक्टिस तथा “द फाइनल मेलोडी काउंटडाउन” की धुन का अभ्यास कराया गया। गिटार प्रशिक्षण में बच्चों ने फिंगर एक्सरसाइज, स्केल प्रैक्टिस के साथ प्रसिद्ध धुन “तुझे देखा तो ये जाना सनम” का अभ्यास किया।
आर्टिस्टिक योग के अंतर्गत सूर्य नमस्कार, नटराज पोज, चक्रासन, वृक्षासन एवं चंद्रासन को डांस फॉर्म में परिवर्तित कर इसका सुंदर प्रदर्शन भी किया। योग एवं नृत्य के इस सुंदर समन्वय ने बच्चों में शारीरिक संतुलन, लचीलापन एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया। कैलीग्राफी के अंतर्गत बच्चों ने बुकमार्क, विंटेज कैलीग्राफी, वुडन लॉग, कंटेनर डिजाइनिंग के गुर सीखे और इस वर्ष नई पहल बेकिंग स्टूडियो के अंतर्गत चीज़ी कोरियन बंस, वनीला मोचा रस्केट, रॉयल रसमलाई रस्केट और वॉलनट ब्राउनी विशेष रूप से बनाना सीखा।

प्रबंधक निदेशक ने आए हुए बच्चों से कहा कि हमारा ध्येय समस्त पूर्वांचल के बच्चों का उत्तरोत्तर विकास कर एक स्वस्थ समाज की स्थापना करना है। भविष्य में भी जयपुरिया विद्यालय परिवार नवीन गतिविधियों का परिचय कराता रहेगा और समाज को लाभांवित करता रहेगा।
विद्यालय के अनूठे प्रयासों और विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन में बच्चों का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखकर लगा ही नहीं कि बच्चों ने मात्र पाँच दिनों में ही इन क्रियाओं को सीखा है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित तथा निपुण कला का प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया और उनका उत्साहवर्धन किया। सभी बच्चों को रोज की भांति ही फ्रूट जूस इत्यादि देकर विदा किया गया। चूंकि शिक्षकों को भी ग्रीष्मावकाश के रूप में एक ब्रेक दिया जा रहा था तो दिवस को यादगार बनाने के लिए उनके लिए भी भोजन की उत्तम व्यवस्था की गई थी।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन दीपक बजाज, प्रबंध निदेशक मनोज बजाज, कार्यकारी निदेशक श्याम सुंदर बजाज, निदेशक गौरांग बजाज व गवेंद्र बजाज, निदेशिका पूजा बजाज, प्राचार्य बिनोद कुमार दास एवं तीनों वर्गों की संयोजकाओं सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।











Users Today : 87
Users This Year : 15654
Total Users : 28247
Views Today : 208
Total views : 56116