राष्ट्रीय सेवा विद्यालय में विश्वकर्मा उत्थान मंच चकिया के नेतृत्व में पुण्यतिथि मनाने का हुआ कार्यक्रम

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चन्दौली इलिया

भीषमपुर गांव में जन्मे भोजपुरी के तुलसीदास महाकवि स्वर्गीय राम जियावन दास बावला की 14वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को सिकंदरपुर में काव्यमय श्रद्धांजलि के साथ मनाई गई। जिसका नेतृत्व विश्वकर्मा उत्थान मंच चकिया ने किया।

सिकंदरपुर के राष्ट्रीय सेवा विद्यालय परिसर में विश्वकर्मा उत्थान मंच चकिया के नेतृत्व में स्वर्गीय बावला जी की पुण्यतिथि कवियों ने काव्यमय श्रद्धांजलि के साथ मनाई ।

बावला जी के चित्र पर पुष्प और धूप जलाकर उन्हें याद किया गया।

इस दौरान अलियार प्रधान कवि ने तेरे चरणों में सर झुकाता चलू बाड़ी वंदना से आरंभ किया।

बंधु पाल बंधु ने पूरे पूर्वांचल में डंका बजाई गइलै भीषमपुर गांव का हमार बावला जी सुनाया, राजेश विश्वकर्मा राजू ने रचके भोजपुरी के अजबै इतिहास बावला जी छोड़ के हमके गइले राम जियावन दास बावला जी, अलियार प्रधान ने भीषमपुर में लेहला जनमवा तू हो दिहला सबके जगाए, विश्वकर्मा कुल खनदनवा तुम हो देहला सबके जगाए सुना कर स्वर्गीय बावला जी को काव्यमय श्रद्धांजलि दी गई।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा मंडल चकिया की उपाध्यक्ष अनीता शर्मा व सभासद मीना विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि बावला जी ने गांव गिराव खेत खलियान को अपनी लेखनी का आधार बनाया और उसे जन समस्याओं तथा भगवान राम की भक्ति से जोड़कर भोजपुरी भाषा को नया आयाम दिया।

जिसके कारण वर्ष 2003 में उन्हें कोलकाता में हुए विश्व भोजपुरी सम्मेलन में भोजपुरी सेतु सम्मान से नवाजा गया था। बावला जी की कविताएं आज भी पूर्वांचल के गांवों में गायकों के गायन का आधार स्तंभ बनी हुई है।

इस अवसर पर शैलेश चंद्र शर्मा विजय विश्वकर्मा विष्णु प्रसाद विश्वकर्मा सुरेश विश्वकर्मा शहाबगंज मंडल अध्यक्ष रिंकू विश्वकर्मा अवधेश प्रजापति प्रमोद कुमार निर्मल बृजेश मौर्य विजय कुमार राज विश्वकर्मा सहित तमाम समाज के लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शैलेश चंद्र शर्मा ने संचालन राजेश विश्वकर्मा ने किया।

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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