मथुरा जनपद में डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा द्वारा आयोजित एनईपी 2026 सम सेमेस्टर स्नातक स्तर द्वितीय, चतुर्थ, षष्ठम एवं परास्नातक स्तर की द्वितीय तथा चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षाएं आज जनपद मथुरा के विभिन्न महाविद्यालयों में तीन पालियों में संपन्न कराई गईं। परीक्षाएं प्रातः 8:00 बजे से 10:00 बजे तक, मध्याह्न 11:00 बजे से 1:00 बजे तक तथा अपराह्न 2:00 बजे से 4:00 बजे तक आयोजित हुईं।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निष्पक्ष, नकलविहीन एवं पारदर्शी परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने हेतु उड़नदस्ता दल ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। विश्वविद्यालय द्वारा गठित उड़नदस्ता दल में प्रो डॉ रवीश शर्मा , प्रो डॉ एस के राय एवं प्रो डॉ राजेश सारस्वत सम्मिलित रहे। उड़नदस्ता दल के समन्वयक प्रो डॉ अशोक कुमार कौशिक तथा नोडल अधिकारी प्राचार्य बी डी कन्या महाविद्यालय प्रोफ़ेसर डॉ पूनम सिंह हैं, जिन्हें विश्वविद्यालय द्वारा विशेष रूप से नियुक्त किया गया है।
निरीक्षण अभियान का शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे डीसीएस कॉलेज राया से किया गया, जहां परीक्षा संबंधी समस्त व्यवस्थाएं संतोषजनक एवं सुव्यवस्थित पाई गईं। केंद्र पर अनुशासन, बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण तथा कक्ष निरीक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित मिला।

इसके उपरांत उड़नदस्ता दल ने प्रसादी लाल मेमोरियल महाविद्यालय मांट का निरीक्षण किया। यहां कुछ छात्राएं आपस में वार्तालाप करती हुई पाई गईं तथा उनके मध्य निर्धारित सामाजिक दूरी से कम अंतर पाया गया। दल ने तत्काल केंद्र व्यवस्थापक को निर्देशित किया कि परीक्षार्थियों को न्यूनतम एक मीटर की दूरी पर बैठाया जाए। एक कक्ष निरीक्षक मोबाइल फोन पर वार्तालाप करता मिला, जिसे कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देशित किया गया कि परीक्षा अवधि में मोबाइल का प्रयोग पूर्णतः वर्जित है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी असंतोषजनक पाई गई, जिसे तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
इसके पश्चात उड़नदस्ता दल बाबा कन्हैया महाविद्यालय पहुंचा, जहां कुछ अभिभावक परिसर के भीतर उपस्थित पाए गए। परीक्षा की गोपनीयता एवं सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए कि परीक्षा अवधि में किसी भी बाहरी व्यक्ति अथवा अभिभावक को परिसर में प्रवेश न दिया जाए।
निरीक्षण क्रम में अगला केंद्र मोहर सिंह महाविद्यालय नौहझील रहा। यहां सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था व्यवस्थित नहीं मिली। दल ने केंद्र प्रशासन को निर्देशित किया कि समस्त कैमरों को तत्काल सक्रिय एवं सुचारु किया जाए, जिससे परीक्षा की प्रत्येक गतिविधि निगरानी में रहे।
अपराह्न 2:00 बजे उड़नदस्ता दल बी डी एम कॉलेज भोगांव पहुंचा। यहां एक छात्र मोबाइल फोन लेकर परीक्षा कक्ष की ओर जाता हुआ मिला, जिसे बीच में रोककर कड़ी हिदायत दी गई कि मोबाइल परीक्षा कक्ष में ले जाना दंडनीय कृत्य है और भविष्य में ऐसा पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। कुछ छात्र परीक्षा कक्ष में आपस में बातचीत करते पाए गए, जिन्हें तत्काल शांत कराया गया। साथ ही दो कक्ष निरीक्षक भी मोबाइल फोन सहित पाए गए, जिनसे मोबाइल तुरंत बाहर रखने को कहा गया।
दल द्वारा सभी महाविद्यालय में पुनः निरीक्षण हेतु विश्वविद्यालय को संस्तुति की गई। उड़नदस्ता दल की इस व्यापक कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन निष्पक्ष, पारदर्शी एवं अनुशासित परीक्षा प्रणाली को लेकर पूर्णतः प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक केंद्र पर सघन निगरानी, आकस्मिक निरीक्षण तथा त्वरित सुधारात्मक निर्देशों से परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों में विश्वास का वातावरण बना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि परीक्षा अवधि के दौरान निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या नकल संबंधी गतिविधि पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मथुरा जनपद में चल रहा यह सघन निरीक्षण अभियान परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने की दिशा में एक प्रभावी एवं सराहनीय पहल माना जा रहा है।
रिपोर्ट – रोशनी









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