शहाबगंज क्षेत्र के अमांव गांव में यादव–चौहान बस्ती को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग अब सड़क कम, ‘मौत की दलदल’ ज्यादा बन चुका है। पूरी तरह ध्वस्त इस रास्ते पर नादान का गंदा पानी लगातार बह रहा है, जिससे कीचड़, दुर्गंध और फिसलन ने हालात को भयावह बना दिया है। हाल यह है कि इस रास्ते से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। संक्रमण और बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि जिम्मेदार तंत्र अब तक मूकदर्शक बना हुआ है।
इसी मार्ग से सैकड़ों परिवारों का रोजाना आवागमन होता है, लेकिन बदहाली इतनी है कि अब तक कई लोग फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल हुए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि गांव के पूर्व दिशा में स्थित मां काली मंदिर तक पहुंचने का यही एक प्रमुख रास्ता है, जहां पूजा-अर्चना के लिए जाने वाली महिलाओं और बुजुर्गों को रोज इस खतरनाक हालात से गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। पंचायत चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए गए, परंतु चुनाव खत्म होते ही वे ‘चुनावी जुमले’ साबित हो गए। गांव के स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता ने लोगों के आक्रोश को और भड़का दिया है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि तत्काल सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हुई, तो बड़ा जनआंदोलन छेड़ा जाएगा साथ ही आगामी पंचायत चुनाव में ऐसे जनप्रतिनिधियों का पुरजोर विरोध करने का ऐलान भी किया गया
प्रदर्शन में रामपति चौहान, अर्जुन चौहान, विनोद केसरी, हरिद्वार, गुंजन, राहुल समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी









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