गीता आत्म कल्याण का मार्ग खोलता है: स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज

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कछवा, मीरजापुर स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज अपने तपस्थली बरैनी स्थिति जगतानंद आश्रम पर मंगलवार को लगभग ढाई बजे पहुंचे। महाराज श्री क्षेत्र के पुराने भक्तों को आशीर्वाद दिया।

बरैनी स्थित जगतानंद आश्रम में मंगलवार को उस समय भक्तिमय वातावरण बन गया, जब प्रसिद्ध संत स्वामी अड़गड़ानंद महाराज का भव्य आगमन हुआ। आश्रम परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं और जयकारों के साथ महाराज जी का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।

स्वामी अड़गड़ानंद महाराज ने अपने प्रवचन में श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य आत्मकल्याण और ईश्वर की प्राप्ति है। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है और जीवन की कठिनाइयों से पार पाने का मार्ग प्रशस्त करता है। सत्संग के दौरान उन्होंने भक्ति, साधना और सेवा के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला।

महाराज जी ने भावुक होकर कहा कि जगतानंद आश्रम उनकी तपोस्थली है, जहां उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक कठोर तपस्या की है। उन्होंने सभी भक्तों से आश्रम से जुड़े रहने और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उनके इस उद्बोधन से उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर में भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन भी किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रवचन का लाभ उठाया और महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर नारद महाराज, पप्पू सिंह, दिनेश सिंह, पवन उपाध्याय, आकाश उपाध्याय सहित हजारों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में आश्रम समिति और स्थानीय लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

रिपोर्ट – भोलानाथ यादव

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