बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी सोच के कारण बसपा की स्थापना करनी पड़ी।
मायावती ने शनिवार को कहा, जैसा कि सर्वविदित है कि कांग्रेस पार्टी ने काफी वर्षों तक केन्द्र की सत्ता में रहकर दलितों के मसीहा व भारतीय संविधान के मूल निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का कभी भी आदर-सम्मान नहीं किया और ना ही उनको ’भारतरत्न’ की उपाधि से भी सम्मानित किया। भला फिर यह पार्टी अब मान्यवर श्री कांशीराम जी को कैसे इस उपाधि से सम्मानित कर सकती है?
एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया
मायावती ने कहा, इसी कांग्रेस पार्टी ने केन्द्र में अपनी सत्ता के रहते हुये इनके (मान्यवर श्री कांशीराम जी के) देहान्त होने पर एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया तथा ना ही उस समय यू.पी. की सपा सरकार ने भी राजकीय शोक घोषित किया। इसी प्रकार दूसरी पार्टियों के हाथों में खेल कर दलित समाज के बने अनेकों संगठन व पार्टियाँ आदि भी इनके नाम को भुनाने की कोशिश में हमेशा लगी रहती हैं।
अब ये सभी पार्टियां आएदिन किस्म-किस्म के हथकण्डे इस्तेमाल करके मान्यवर कांशीराम द्वारा बनाई गई पार्टी बी.एस.पी. को कमजोर करने में लगी हैं। अतः इनके अनुयायी व समर्थक हमेशा इनसे सचेत रहें। खासकर कांग्रेस पार्टी से जरूर सजग रहें, जिसकी दलित-विरोधी सोच व मानसिकता होने की वजह से ही बी.एस.पी. बनानी पड़ी है।
साथ ही, दिनांक 15 मार्च 2026 को मान्यवर कांशीराम की जयन्ती पर, इनकी द्वारा निर्मित पार्टी बी.एस.पी. के सभी कार्यक्रर्मों को उ.प्र. सहित पूरे देश में पार्टी के लोग जरूर कामयाब बनायें , यही अपील।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला











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