साइबर अपराध नियंत्रण एवं त्वरित निस्तारण के संदर्भ में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल द्वारा की गई समीक्षा गोष्ठी ।

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1. पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा साइबर सेल एवं जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई।
2. समीक्षा के दौरान पाया गया कि वर्ष 2025 में 06 कॉल सेन्टर्स का भण्डाफोड़ कर 76 साइबर अपराधियों को पकड़ गया । यह साइबर आपराधी वाराणसी से ही काल सेन्टर चला कर देश/विदेश के लोगों को ठगा करते थे । इस प्रकार के कॉल सेन्टर का भण्डाफोड़ वाराणसी पुलिस द्वारा पहली बार किया गया,
इससे यह सिद्ध होता है कि कार्य यदि लगन, मेहनत  व निष्ठा से किया जाए तो कोई असंभव नही है । पुलिस आयुक्त द्वारा तकनीक का प्रयोग करते हुए वर्ष 2026 में भी इसी प्रकार साइबर अपराधियों पर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया ।
3. इसी प्रकार म्यूल अकाउंट खोलने वाले 44 अभियुक्तों को व फर्जी नाम से सिम कार्ड बेचने वाली 15 फर्मों के विरूद्ध फर्म्स को चिन्हित कर जेल भेजा गया ।
4. वर्ष 2025 में साइबर सेल ने साइबर फ्रॉड में गये 9.5 करोड़ रुपये लोगों को वापस कराए गए जबकि 01-01-2026 से 10-02-2026 तक लगभग 01 करोड़ रुपये साइबर फ्रॉड राशि होल्ड/फ्रीज कराई गई ।
5. वर्ष 2025 से अब तक साइबर अपराध में लिप्त 5273 मोबाइल नं0 को ब्लॉक किया गया, 1290 मोबाइल फोन(IMEI) डिएक्टिवेट किये गये व 115 फेक सोशल मीडिया अकाउंट डिएक्टिवेट किये गये ।
6. साइबर अपराधों से संबंधित प्राप्त शिकायतों के 44% से 87% डिस्पोजल रेट पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के कार्य की सराहना की गई ।
7. पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा पूर्व में आयोजित गोष्ठी में शिकायतों के Lien Time को कम करने हेतु स्पष्ट निर्देश प्रदान किए गए थे। उक्त निर्देशों के फलस्वरूप Lien Time 4 घण्टे से घटकर मात्र 14 मिनट रह गया है, जो एक सराहनीय उपलब्धि है।
8. IMEI ब्लॉकिंग, मोबाइल नंबर ब्लॉकिंग, लीन अमाउंट वृद्धि एवं प्रार्थना पत्रों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान देने हेतु संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
9. फर्जी POS एवं अवैध रूप से सिम जारी करने वाले संचालको विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
10. प्रतिबिम्ब पोर्टल की प्रभावी मॉनिटरिंग हेतु एक नवीन सेल का गठन किया गया, जिसकी नियमित समीक्षा पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा स्वयं की जाएगी।
11. समस्त प्रकरणों में अभियुक्तों का पूर्ण व सही विवरण समन्वय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से भरने के निर्देश दिए गए, जिससे अपराधियों का समुचित डाटाबेस तैयार हो सके और भविष्य में प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हो ।
12. साइबर फ्रॉड के प्रत्येक प्रकरण की गुणवत्ता आधारित गहन समीक्षा कर कार्यवाही पर बल दिया गया, जिसकी साप्ताहिक समीक्षा जोन के साइबर नोडल प्रभारी करेंगे।
13. आमजनमानस को साइबर अपराधों से बचाव हेतु सोशल मीडिया, गोष्ठियों, विद्यालयों एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
दिनांक 10-02-2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा साइबर सेल एवं जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित कर साइबर अपराध नियंत्रण की प्रगति का आकलन किया गया। वर्ष 2025 में 06 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ कर 76 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, 44 म्यूल अकाउंट संचालकों तथा फर्जी सिम जारी करने वाली 15 फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
साइबर सेल द्वारा वर्ष 2025 में 9.5 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए तथा 01 जनवरी 2026 से 10 फरवरी 2026 तक लगभग 01 करोड़ रुपये की राशि होल्ड/फ्रीज कराई गई। वर्ष 2025 से अब तक 5273 मोबाइल नंबर ब्लॉक, 1290 IMEI डिएक्टिवेट एवं 115 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय किए गए। शिकायतों के निस्तारण दर को 44% से बढ़ाकर 87% किया गया तथा Lien Time को 4 घंटे से घटाकर 14 मिनट करना त्वरित समन्वय का परिणाम बताया गया।
IMEI व मोबाइल ब्लॉकिंग, लीन अमाउंट वृद्धि, फर्जी POS व अवैध सिम संचालकों पर कठोर कार्रवाई, प्रतिबिम्ब पोर्टल हेतु नए सेल का गठन, समन्वय पोर्टल पर अनिवार्य डेटा फीडिंग, गुणवत्ता आधारित साप्ताहिक समीक्षा एवं व्यापक साइबर जागरूकता अभियान संचालित करने पर विशेष बल दिया गया।। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त(अपराध) आलोक प्रियदर्शी, अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध नीतू सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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