किसानों की हुंकार के आगे झुका प्रशासन, चंदौली में फिर शुरू हुई धान की सरकारी खरीद।

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चन्दौली

संयुक्त किसान मोर्चा चंदौली के बैनर तले किसान मजदूर संयुक्त यूनियन और किसान विकास मंच के प्रतिनिधियों ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन को कड़ा संदेश दिया। धान की सरकारी खरीद बंद किए जाने से आक्रोशित किसानों ने नारेबाजी करते हुए इसे किसानों के साथ अन्याय बताया और तत्काल व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई।

किसानों ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि जिन किसानों का धान अभी तक नहीं खरीदा गया है, उसकी तत्काल तौल कराई जाए तथा 28 फरवरी तक सभी क्रय केंद्र संचालित रखे जाएं। साथ ही जिन किसानों का धान तौला जा चुका है, उसकी पोर्टल पर शीघ्र फीडिंग कर भुगतान प्रक्रिया शुरू की जाए।

किसानों ने धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा समस्याओं के निस्तारण हेतु एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की भी मांग की। इसके अलावा खरीद के पीक सीजन में जिला विपणन अधिकारी (डिप्टी आरएमओ) को विभागेतर कार्यों में न लगाने की बात भी प्रमुखता से उठाई गई।

किसानों के बढ़ते दबाव और एकजुटता का असर तुरंत देखने को मिला। संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यक्रम के बीच ही डिप्टी आरएमओ राघवेंद्र सिंह ने चंदौली जनपद में धान की सरकारी खरीद आज से पुनः शुरू किए जाने की घोषणा कर दी। इस घोषणा के बाद आंदोलनरत किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई और इसे संयुक्त किसान मोर्चा की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पारसनाथ विश्वकर्मा, दीनानाथ श्रीवास्तव, राम अवध सिंह, रतन सिंह, वीरेंद्र सिंह, सियाराम चौहान, शेषनाथ यादव, सुजीत सिंह, अरुण सिंह, पिंटू, गुड्डू पासवान, तौसीफ खान, सुरेश मौर्य, राम अवध यादव, पंकज सिंह, धीरेंद्र सिंह, त्रिलोकी नाथ यादव, धनंजय यादव सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इस घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब किसान एकजुट होते हैं तो उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचती ही नहीं, बल्कि फैसलों को बदलने की ताकत भी रखती है।

 

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

 

 


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