वाराणसी –
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व टाटा स्ट्राइब की पहल से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भारतीय व्यंजनों के बारे में विकासखंड सेवापुरी के ग्राम पंचायत सिरहिरा में 48 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। इस तीन दिवसीय आरपीएल प्रशिक्षण का आयोजन टाटा स्ट्राइब की ओर से किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को कौशल उन्नयन के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को फूड सेफ्टी एंड हाइजीन के विषय में जानकारी दी गई।
इसमें खाद्य पदार्थों की स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा स्वास्थ्य मानकों के पालन पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। दूसरे दिन बिजनेस स्टार्टअप ट्रेनिंग आयोजित की गई जिसमें महिलाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने, बाजार की समझ को विकसित करने, ग्राहक प्रबंधन तथा उद्यमिता के मूलभूत सिद्धांतों की जानकारी दी गई। तीसरे दिन फाइनेंशियल एवं डिजिटल साक्षरता पर प्रशिक्षण दिया गया। इस सत्र में बैंकिंग प्रक्रियाओं, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन लेनदेन, बचत और निवेश के महत्व पर विस्तार से मार्गदर्शन किया गया।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, ताकि महिलाएं कौशल और ज्ञान के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार व समाज के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें, साथ ही काशी के लजीज व्यंजन स्वच्छ एवं हाइजेनिक रूप से सभी को उपलब्ध हो सके। प्रशिक्षण का समापन शनिवार को उपायुक्त स्वत: रोजगार पवन कुमार सिंह द्वारा किया गया।
उनके द्वारा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि फूड कोर्ट एवं रेस्टोरेंट का बिजनेस आज तेजी से फैल रहा है जिसमें अच्छी आमदनी भी हो रही है। समूह की महिलाओं द्वारा इसे जरूर किया जाना चाहिए। इस कार्य हेतु प्रशिक्षण उपरांत आजीविका मिशन के अंतर्गत एक लाख रुपए तक का लोन भी प्राप्त किया जा सकता है। अग्रिम शुभकामनाओं सहित प्रशिक्षण का समापन किया गया।










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