SPEL 3.0 से छात्रों में जागी पुलिसिंग की समझ, ADCP नम्रिता श्रीवास्तव ने दिखाई जमीनी हकीकत

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वाराणसी

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देशन में अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) नम्रिता श्रीवास्तव के नेतृत्व में संचालित स्टूडेंट पुलिस एक्सपिरिएंटियल लर्निंग (SPEL) प्रोग्राम 3.0 छात्रों के लिए सीख का नया मंच बनकर उभरा है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से चल रहे इस 30 दिवसीय विशेष अभियान का उद्देश्य युवाओं को पुलिसिंग की वास्तविक कार्यप्रणाली से रूबरू कराना है।

इस कार्यक्रम के तहत वाराणसी के 18 थानों में चयनित छात्रों को कुल 120 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें उन्हें कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात प्रबंधन और पुलिस की रोजमर्रा की चुनौतियों की जानकारी दी जा रही है।

संवेदनशीलता का पाठ

छात्रों को राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर), रामनगर का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने विधि से संघर्षरत किशोरों के जीवन, उनकी मानसिक स्थिति, पुनर्वास प्रक्रिया और सुधारात्मक गतिविधियों को नजदीक से समझा। इस दौरान छात्रों ने जाना कि अपराध के पीछे सामाजिक और मानसिक कारण क्या होते हैं और उन्हें कैसे सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।

व्यावहारिक अनुभव से बढ़ा आत्मविश्वास

भ्रमण के दौरान छात्रों को किशोरों की शिक्षा व्यवस्था, परामर्श प्रक्रिया और भविष्य निर्माण से जुड़े प्रयासों की भी जानकारी दी गई। इससे छात्रों में न केवल कानून की समझ बढ़ी, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी विकास हुआ।

कौशल विकास पर जोर

ADCP नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों की कॉग्निटिव स्किल (सोचने-समझने की क्षमता) और पीपुल स्किल (संवाद एवं नेतृत्व क्षमता) को मजबूत करना है, ताकि भविष्य में वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें और समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।

उन्होंने कहा कि SPEL 3.0 पुलिस और युवाओं के बीच संवाद का एक मजबूत सेतु बन रहा है। इससे पुलिस की छवि मित्रवत बन रही है और युवाओं में कानून के प्रति सम्मान भी बढ़ रहा है।

सम्मान के साथ होगा समापन

कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जिससे उनका मनोबल बढ़े और वे आगे भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कुल मिलाकर SPEL 3.0 न सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, बल्कि युवाओं को जिम्मेदार नागरिक और भविष्य का नेतृत्वकर्ता बनाने की एक सशक्त पहल साबित हो रहा है

 

 

रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी

 

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