विंध्य हॉकर यूनियन, संबद्ध नेशनल हॉकर्स फेडरेशन, मिर्ज़ापुर द्वारा आज वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया गया* 

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मिर्ज़ापुर में कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पटरी व्यवसायियों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा, संगठनात्मक मजबूती और आगामी संघर्ष की दिशा तय करना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता नेशनल हॉकर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष सिंह ने की।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में नेशनल हॉकर फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव शक्तिमान घोष उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में अरुण सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण चंद्र पांडेय, दिलीप सिंह गहरवार, राजेश त्रिपाठी एवं आशीष गुप्ता शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन विंध्य हॉकर यूनियन के अध्यक्ष धीरज पांडेय द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन स्मृति गुप्ता ने प्रस्तुत किया।

अपने मुख्य वक्तव्य में शक्तिमान घोष ने पटरी व्यवसायियों से जुड़े बुनियादी और लंबे समय से लंबित मुद्दों को गंभीरता से रखा। उन्होंने वेंडिंग ज़ोन की अनुपलब्धता, वैध पहचान-पत्रों का न होना, पुनर्वास की स्पष्ट नीति के अभाव, नगर निकायों की मनमानी कार्यवाही तथा प्रशासनिक दबाव को पटरी व्यवसायियों की आजीविका के लिए सबसे बड़ा संकट बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पटरी व्यवसायी किसी भी शहर की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और उनके अधिकारों की अनदेखी न केवल अन्याय है, बल्कि कानून का भी उल्लंघन है।

उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों से एकजुट रहकर कानूनी व लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई को मज़बूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि बिना संगठित दबाव के पटरी व्यवसायियों के हितों की रक्षा संभव नहीं है।

सम्मेलन के दौरान संगठन की वर्तमान स्थिति, सदस्यता विस्तार, स्थानीय स्तर पर संवाद एवं संघर्ष की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। वार्षिक अवसर पर संगठन से सक्रिय रूप से जुड़े साथियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह और प्रतिबद्धता का भाव देखने को मिला।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पटरी व्यवसायी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से राहुल गुप्ता, आकाश, डॉ. अक्षय मिश्रा ,आलोक विश्वकर्मा, किरण, पूजा वर्मा, फिरोज, आफताब आलम, गोलू, शहनाज, मालती सुदामा, मोहम्मद नौशाद, गुड्डी, सितारा बेगम, आसाम, रफीक आलम सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहे।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि पटरी व्यवसायियों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन निरंतर संघर्षरत रहेगा और किसी भी अन्यायपूर्ण कार्यवाही का संगठित विरोध किया जाएगा।

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