मीरजापुर मे जलज परियोजना के तहत 8 नावों के संचालन का डीएफओ ने किया शुभारंभ

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मीरजापुर

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रारंभ की गई राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मशन (NMCG) के अंतर्गत भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के दिशा-निर्देशों के क्रम में संचालित जलज परियोजना के तहत मंगलवार 27 जनवरी को मीरजापुर मे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई। इस अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के दौरान जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल द्वारा देशभर में स्थापित 25 जलज केंद्रों का औपचारिक उ‌द्घाटन कया गया। उ‌द्घाटन समारोह में राज्यमंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी एवं वी. सोमन्ना की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने जलज परियोजना की सराहना की।

इस क्रम में जनपद स्तर पर जलज विंध्य डॉल्फिन सफारी का स्थल पर शुभारंभ प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) राकेश कुमार द्वारा कया गया। यह ऑन-साइट शुभारंभ जलज परियोजना के माध्यम से प्रशक्षत गंगा प्रहरी एवं नाविकों की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिन्हें जलीय प्रजातियों के रेस्क्यू की पहचानए आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार (बे सक फर्स्ट एड) तथा सुरक्षित नदी संचालन का प्रशिक्षण प्रदान कया गया है।

शुभारंभ के अंतर्गत जलज परियोजना के तहत संचालित 8 नावों का विधिवत प्रारंभ कया गया, जिन्हें अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों (लाइफ जैकेट एवं लाइफ बॉय रिंग) तथा सुसंगठित अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था (वॉटर हाय सन्थ डस्टबिन) से सुसज्जित कया गया है, जिससे पर्यावरण-अनुकूल एवं सुरक्षित नदी पर्यटन सुनिश्चित कया जा सके।
कार्यक्रम में लगभग 50 नाविकों की सहभागिता रही।

कार्यक्रम के दौरान यह भी उल्लेख कया गया कि जलज परियोजना की प्रमुख पहलें जलीय प्रजातियों के संरक्षण, विशेष रूप से गंगा नदी मैं पाई जाने वाली प्रमुख जलीय जीवों की सुरक्षा तथा नदी तटवर्ती समुदायों की आजीविका को सुदृढ करने पर केंद्रित हैं। प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि परियोजना का उ‌द्देश्य अर्थ गंगा’ की परिकल्पना को साकार करते हुए नदी, जलीय जीवों एवं स्थानीय समुदायों के बीच संतु लत एवं सतत संबंध स्थापित करना है। यह पहल गंगा बेसिन क्षेत्र में सतत, समावेशी एवं पर्यावरण-अनुकूल नदी पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

 

रिपोर्ट – भोलानाथ यादव

 

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