चन्दौली इलिया

मसोईं गांव स्थित धान क्रय केंद्र पर भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। केंद्र पर खरीदा गया धान लंबे समय से जस का तस पड़ा है। धान का उठान नहीं होने के कारण जगह की भारी कमी हो गई है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।किसान विकास मंच को किसानों से मिल रही शिकायतों के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संगठन मंत्री ने बताया कि दोपहर साढ़े बारह बजे तक क्रय केंद्र प्रभारी कमलेश नारायण केंद्र पर मौजूद नहीं थे। किसानों का कहना है कि किसी भी कार्यदिवस में प्रभारी प्रायः सुबह दस बजे तक केंद्र पर नहीं पहुंचते।
किसानों ने बताया कि क्रय केंद्र पर दो वेटिंग मशीनें लगी हैं, जिनकी प्रतिदिन लगभग 600 कुंटल धान तौलने की क्षमता है, लेकिन हकीकत में बमुश्किल 100 से 125 कुंटल धान की ही तौल की जाती है। मसोईं गांव के किसानों का धान तौलने का हवाला देकर अन्य गांवों से आए किसानों को टाल दिया जाता है, जिससे उनकी सीधी तौल नहीं हो पाती।किसान विकास मंच का आरोप है कि क्रय केंद्र पर केवल लगभग 10 प्रतिशत धान की खरीद ही वास्तविक रूप से होती है, जबकि शेष 90 प्रतिशत धान बिचौलियों और मिलरों द्वारा खरीदा जाता है।
किसानों से केवल भुगतान के लिए अंगूठा लगवाया जाता है, जिससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। संगठन का कहना है कि केवल 5 से 10 प्रतिशत किसानों को ही एमएसपी मिल रही है, जबकि अधिकांश किसानों की “जेब कट” रही है।इस स्थिति से क्षुब्ध होकर किसान विकास मंच के संगठन मंत्री ने डिप्टी आरएमओ राघवेन्द्र सिंह से वार्ता कर अनियमितताओं की जानकारी दी। इसके बाद क्रय केंद्र प्रभारी केंद्र पर पहुंचे और धान की तौल शुरू कराई गई।किसान विकास मंच के संगठन मंत्री ने कहा
“क्रय केंद्रों की संख्या इस वर्ष कम कर दी गई है और लगभग हर केंद्र पर भ्रष्टाचार हावी है। क्रय केंद्र और बिचौलियों की सांठगांठ में किसान पिस रहा है। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो 21 जनवरी को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के समक्ष जोरदार आवाज उठाई जाएगी।”
इस निरीक्षण कार्यक्रम में किसान विकास मंच के राम अवध सिंह, जय किशोर सिंह, धीरेंद्र सिंह, भीष्म नारायण यादव, अनीस सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।इस संबंध में डिप्टी आरएमओ राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है और जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्रय केंद्र प्रभारी कमलेश नारायण से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका











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