प्रकृति संरक्षण के पुण्य स्मरण मकर संक्रांति के अमृत पर्व पर नमामि गंगे ने उल्लास – समरसता व पर्यावरण संरक्षण की कामना करते हुए सनातन के सूर्य और प्रकृति की देवी मां गंगा की आरती उतार कर अभिनंदन किया । नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में राष्ट्रध्वज और स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियों के माध्यम से संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया। जीवन में उल्लास और समरसता के संदेशवाहक मकर संक्रांति के पर्व पर गंगा किनारे बिखरी गन्दियों को समेट कर नगर निगम के हवाले किया गया।
संक्रांति स्नान के लिए उपस्थित हजारों लोगों से गंदगी न करने का आवाह्न करके स्वच्छता का संकल्प दिलवाया गया। पर्यावरण के लिए हानिकारक सिंगल यूज़ पॉलिथीन का उपयोग न करने की सलाह दी। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति सम्मान और भारतीय संस्कृति की गहराई सिखाता है, जहाँ सूर्य के उत्तरायण होने, नई फसल के स्वागत, गंगा स्नान और तिल-गुड़ के माध्यम से जीवन में सकारात्मकता और सामाजिक समरसता लाने का संदेश है,
जो हमें प्रकृति से जुड़कर जिम्मेदारी से सतत जीवन का पाठ पढ़ाता है और जल स्रोतों का सम्मान करने का संदेश देता है। आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, सुधा चतुर्वेदी, अंकित तिवारी, लवकुश पुरोहित, शिवम पाण्डेय, शिवानी कश्यप एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे ।











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