रामनगर पुलिस ने गौतस्करी की बड़ी कोशिश नाकाम की, दो आरोपी गिरफ्तार, 10 मवेशियों की बचाई जान

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वाराणसी पुलिस द्वारा गौतस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे निरंतर अभियानों के क्रम में 11 जनवरी की सुबह रामनगर पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली। गुप्त सूचना के आधार पर की गई सुनियोजित कार्रवाई में पुलिस ने पिकअप वाहन से बिहार की ओर ले जाए जा रहे 10 गोवंशीय पशुओं को सुरक्षित मुक्त कराया और इस अवैध गतिविधि में संलिप्त दो तस्करों को गिरफ्तार किया।

सूत्रों के अनुसार, रामनगर थाना क्षेत्र को जानकारी मिली थी कि कुछ गौतस्कर राष्ट्रीय राजमार्ग–2 के रास्ते गोवंश को वध हेतु बिहार ले जा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी दुर्गा सिंह ने तत्काल रणनीति बनाते हुए क्षेत्र में नियंत्रित सुरक्षा घेराबंदी कराई। पूरे अभियान का फील्ड समन्वय भीटी चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक आदित्य राय के नेतृत्व में किया गया, जिससे कार्रवाई सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ी।

घेराबंदी के दौरान तस्करों ने तेज गति से घेराबंदी तोड़कर पुलिसवालों को रौंदते हुए निकलने का प्रयास किया इस दौरान पुलिस बल द्वारा सतर्कता पूर्वक अपना बचाव किया गया । किंतु ढुंढिराज पुलिया के पास तस्करों का वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गया। इसके बाद वाहन छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे दोनों आरोपियों को पुलिस टीम ने तत्परता से घेरकर गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

पुलिस द्वारा रेस्क्यू किए गए सभी गोवंशीय पशुओं का तुरंत चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और उन्हें राजकीय गौशाला में सुरक्षित संरक्षण हेतु भेज दिया गया। थाना प्रभारी दुर्गा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों तस्करों 1.जितेंद्र पुत्र शिवकुमार उम्र 29 वर्ष पता टोडरपुर थाना राजातालाब 2. करन विश्वकर्मा पुत्र शिवकुमार उम्र 26 वर्ष पता ख़ालिश थाना मिर्जमुराद के साथ-साथ इस गिरोह से जुड़े तीन अन्य नामजद आरोपियों के विरुद्ध गोवध निवारण अधिनियम व बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। अभियुक्तों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत रिमांड हेतु माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशों के अनुरूप गौतस्करी के विरुद्ध अपनाई जा रही सख्त नीति का असर ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। रामनगर की यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि सटीक सूचना, शांत निर्णय और रणनीतिक पुलिसिंग मिलकर न केवल अपराध को प्रभावी ढंग से रोक सकती है, बल्कि समाज के संवेदनशील मुद्दों पर भरोसेमंद सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकती है।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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