वाराणसी। नए साल में काशीवासियों और श्रद्धालुओं को सुबह-ए-बनारस के वक्त भी मां गंगा की दिव्य आरती देखने का अवसर मिलेगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से यह पहल की गई है। नमो घाट पर अर्चकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा की आरती उतारी जाएगी। इससे श्रद्धालुओं और काशीवासियों को आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।
सुबह की गंगा आरती का उद्देश्य श्रद्धालुओं को प्रातःकाल गंगा दर्शन और आरती का लाभ देना है। इस नई व्यवस्था के तहत नमो घाट पर सुबह गंगा आरती का अभ्यास भी शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही यह आरती नियमित रूप से प्रारंभ कर दी जाएगी।
अब तक नमो घाट पर केवल शाम के समय गंगा आरती का आयोजन होता रहा है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं। अनुमान है कि रोजाना करीब दो से तीन हजार श्रद्धालु इस आरती में सहभागिता करते हैं। दीपों, मंत्रोच्चार और वैदिक विधि से होने वाली गंगा आरती काशी की पहचान बन चुकी है।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद नमो घाट देश का ऐसा प्रमुख घाट बन जाएगा, जहां सुबह और शाम दोनों समय गंगा आरती होगी। माना जा रहा है कि इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वाराणसी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।










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