राष्ट्रीयता के प्राणतत्व महामना पं मदन मोहन मालवीय और राजनीति के अटल सूर्य पं.अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर नमामि गंगे ने गुरुवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
मां गंगा की आरती उतारकर भारत रत्न महामना और अटल जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। राष्ट्रीय ध्वज के साथ श्रद्धेय महामना – अटल जी की तस्वीर लेकर गंगा निर्मलीकरण के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को शपथ दिलाई गई ।महामना द्वारा दी गयी प्रेरणा ” गंगा बहे और बहती रहे ” को आत्मसात कर उन्हें स्मरण किया गया ।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि महामना की यह कामना थी कि भारत की समृद्धि , प्रगति और जीवन की गतिशीलता का प्रमाण माँ गंगा प्रदूषण मुक्त हों , शुद्ध रहें, बाधाओं से मुक्त होकर अविरल बहें और बहती रहें इसी में भारत का हित है ।
बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय पंडित अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में देश भर की नदियों को जोड़कर सिंचाई से लेकर बाढ़ तक की समस्या से निपटने का सपना देखा गया ।
नदी जोड़ो योजना में गंगा सहित 60 नदियों को जोड़ने की योजना थी अटल जी का मकसद यह था कि इससे कृषि योग्य लाखों हेक्टेयर भूमि की मानसून पर निर्भरता कम हो जाएगी । हम सभी को इन दोनों महापुरुषों का जन्मदिन गंगा निर्मलीकरण एवं अविरलता के लक्ष्य को निर्धारित करके मनाना चाहिए ।
आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला , अर्जुन सिंह शुभम उपाध्याय, नवनीत कुमार, शिवाली कुमारी, हर्ष आर्या आदि शामिल रहे ।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला











Users Today : 11
Users This Year : 18861
Total Users : 31454
Views Today : 11
Total views : 62506