लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके योगी सरकार को दालमंडी मामले में जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि दालमंडी के चौड़ीकरण का कार्य विकास नहीं बल्कि ‘राजनीतिक विकास’ (पॉलिटिकल डेवलपमेंट) है। उन्होंने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि चूंकि दालमंडी से भाजपा को वोट नहीं मिलता है, इसलिए इसे तोड़ा जा रहा है और यहां के व्यापारियों की रोजी-रोटी को छीनने का प्रयास किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि दालमंडी का चौड़ीकरण भाजपा की संकीर्ण सियासत और नकारात्मक सोच है। किसी की जीविका छीनने का अधिकारी भाजपा वालों को कैसे मिल गया। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले अधिकारियों के माध्यम से अपनी ताकत का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रभावित व्यापारियों को डराने धमकाने का काम अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाला। बीजेपी सरकार जाने वाली है।
उन्होंने कहा कि हमने वरुणा नदी के किनारे रिवर फ्रंट बनाने और ट्रैफिक के लिए काफी काम किया था। जिससे एक सुगम यातायात मिलता और पार्किंग की व्यवस्था भी होती। उन्होंने कहा वाराणसी में मेट्रो के लिए समाजवादी सरकार में प्रयास शुरू किये गये थे। हमने पूरा डीपीआर बनाके और बजट 50 करोड़ का देकर गये थे। अगर मेट्रो बन गई होती तो ये तोड़फोड़ नहीं करना होता। वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी विकास को रोकने वाली पार्टी है। सरकार ने बिना किसी डिटेल स्टडी के दालमंडी चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दालमंडी के दुकानदारों ने भी मीडिया से बात की। इस दौरान चंदौली के सांसद वीरेन्द्र सिंह, सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा, सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ‘लक्कड़ पहलवान’, सपा नेता किशन दीक्षित, सपा नेत्री रीबू श्रीवास्तव सहित अन्य सपा नेता मौजूद रहे।









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