लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में बुजुर्गों के लिए एक बड़ी ऐतिहासिक पहल की है। अब वृद्धावस्था पेंशन के लिए न तो भागदौड़ करनी पड़ेगी और न ही दफ्तरों के चक्कर लगाने होंगे।
सरकार स्वयं फोन कर सहमति लेगी और CSC की मदद से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन पूरा कराया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 20 अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली। वहीं विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को बधाई दी गई और दिल्ली की आतंकी घटना की निंदा की गई।
घर बैठे पेंशन: नई व्यवस्था कैसे काम करेगी?
* समाज कल्याण विभाग बुजुर्गों को कॉल करके पूछेगा कि क्या वे पेंशन लेना चाहते हैं।
* सहमति मिलने पर CSC के माध्यम से घर से ही आवेदन भरा जाएगा।
* फैमिली आईडी से लिंक कर ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा।
* सत्यापन पूरा होते ही पेंशन स्वतः शुरू हो जाएगी।
नई प्रक्रिया से हजारों बुजुर्गों को उस लंबी ब्यूरोक्रेटिक प्रक्रिया से राहत मिलेगी जिसमें पहले एसडीएम–बीडीओ सत्यापन और डीएम कमेटी की मंजूरी जरूरी होती थी।
पहले चरण में 5 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट
हरदोई, गाजियाबाद, गोरखपुर, कन्नौज और ललितपुर में नई व्यवस्था की शुरुआत होगी। सफल होने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
75 लाख से अधिक बुजुर्गों को फायदा
इस समय 67.50 लाख लोग वृद्धावस्था पेंशन पा रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर यह संख्या बढ़कर 75.25 लाख हो जाएगी।
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा— “हम ई-गवर्नेंस से ईजी-गवर्नेंस की ओर बढ़ रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक बनने पर पेंशन अपने आप शुरू हो जाएगी।”
कौन ले सकेगा लाभ?
* 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग
* शहरी क्षेत्र: वार्षिक आय ₹56,460 तक
* ग्रामीण क्षेत्र: वार्षिक आय ₹46,080 तक
* फैमिली आईडी अनिवार्य
राजस्व विभाग में बड़ा फैसला — चैनमैन को अब सीधे लेखपाल बनने का रास्ता साफ
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश लेखपाल सेवा नियमावली (पंचम संशोधन) 2025 को मंजूरी दे दी। इसके तहत:
* लेखपाल पद पर 2% आरक्षण
* विभागीय पदोन्नति का नया प्रावधान
* प्रमोशन प्रक्रिया तेज
यह कदम राजस्व विभाग में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है और प्रमोशन की राह आसान करेगा।
रिपोर्ट = विजयलक्ष्मी तिवारी








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