राम वन गमन्, दशरथ मरण देख दर्शक भावुक हो उठे

Picture of Shauryanewsindia220@gmail.com

Shauryanewsindia220@gmail.com

FOLLOW US:

Share

सैयदराजा (चंदौली) आदर्श नगर पंचायत में रामलीला समिति शिवानगर के तत्वावधान में चल रहे रामलीला मंचन के तहत् राम वन गमन, राम-केवट संवाद, दशरथ मरण लीलाओं का मंचन किया गया। सन्यासियों जैसे कपड़े पहने हुए नंगे पैर राम, सीता और लक्ष्मण को चलता देख दर्शकों की आंखें भर आई। राम-केवट संवाद में जब राम जी केवट से नाव मांगते हैं तो केवट ने नाव लाने से पहले वह प्रभु राम के चरणों को धोना चाहता है ।

ऐसा इसलिए है क्यों कि केवट जानता था की प्रभु राम के चरणों की धूल से शिला भी नारी बन जाती है। इसी संदर्भ में चौपाई है”मांगी नाव न केवट आना कहां तुम्हारे मर्म में जाना”केवट के भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान राम बात मान लेते हैं और केवट पांव पखारता है। यह भगवान के प्रति केवट की अटूट भक्ति और प्रेम को दर्शाता है ।

इसके बाद गंगा पार कराई और केवट ने भगवान से भवसागर से पार करने का वरदान माॅगा जिसे उन्होंने स्वीकार किया । आगे के मंचन में कई ऋषि महर्षियों से मिलते हुऎ प्रभु श्रीराम चित्रकुट आते हैं तथा वहीं पर अपनी कुटी बनाकर निवास करने लगते हैं ।

आगे के मंचन में जब सुमंत जी अयोध्या लौटते हैं और राजा दशरथ को बताते हैं कि मैं राम को वनवास से वापस नहीं ला पाया तथा सीता भी राम के साथ वन को चली गई । तो यह बात सुनकर राजा दशरथ को हृदयाघात होता है और वह स्वर्ग लोक को सिधार जाते हैं।

जिसके बाद पुरी अयोध्या में शोक की लहर दौड़ जाती है । सभी अयोध्या वासी शोक विलाप करते हैं । राजा दशरथ का अंतिम संस्कार के लिए ननिहाल गए भरत और शत्रुघ्न को गुरु वशिष्ठ अयोध्या बुलवाते हैं । यहीं पर लीला विश्राम लेती है।

रविन्द्र जायसवाल, कामाख्या केशरी ,धीरेंद्र सिंह शक्ति,सभासद संतोष जायसवाल,पूर्व चेयरमैन मदन प्रसाद कुशवाहा, वीरेंद्र सिंह भोले,व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा, जवाहर पाण्डेय उर्फ लोटन बाबा, शशांक पाण्डेय,
अंकित जायसवाल, क्षमानाथ मिश्रा, मौलई बाबा, अरविंद तिवारी, जगदीश मास्टर, अवधेश चौहान, गोविंद पत्रकार, राजेन्द्र कसौधन, ढोलन प्रसाद आदि श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित रहे ।

 

रिपोर्ट - अलीम हाशमी

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई