मिर्ज़ापुर
उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थस्थल मां विंध्यवासिनी धाम में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। पहाड़ी क्षेत्रों और कैचमेंट एरिया में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा उफान पर है। इसका सीधा प्रभाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना विंध्याचल कॉरिडोर पर पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं और घाटों के सुंदरीकरण के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाई जा रही भव्य ‘विंध्य पैड़ी’ तथा निर्माणाधीन घाट गंगा की लहरों की चपेट में आ चुके हैं। वर्तमान में बढ़ता पानी निर्माणाधीन सीढ़ियों और पिलर्स को घेर चुका है।
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि जलस्तर की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए अगले दो से चार दिनों में पूरी विंध्य पैड़ी जलमग्न हो सकती है। राज्य सरकार विंध्य धाम को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए विंध्य पैड़ी, आधुनिक गंगा घाटों और विंध्य पथ का निर्माण युद्ध स्तर पर करा रही थी। प्रकृति के इस प्रहार ने फिलहाल सभी निर्माण कार्यों को रोक दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बढ़ते जलस्तर और पानी के दबाव से निर्माणाधीन ढांचे को कितना नुकसान पहुंचेगा। बाढ़ की स्थिति के बाद निर्माण क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है। पानी उतरने के बाद ही तकनीकी टीम नुकसान का सटीक आकलन कर सकेगी। फिलहाल सभी की नजर गंगा के जलस्तर पर टिकी हुई है।








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