किसानों को रास आ रही पॉली हाउस योजना, संरक्षित खेती की ओर बढ़ा रुझान

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मीरजापुर

बदलते मौसम और खेती की बढ़ती लागत के बीच मीरजापुर के किसानों के लिए पॉली हाउस योजना उम्मीद की किरण सबित हो रही है। योगी सरकार की ओर से संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए दिए जा रहे अनुदान से किसानों को पॉली हाउस स्थापित करने में आर्थिक सहूलियत मिल रही है। इसके चलते जिले में किसानों का रुझान आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की ओर लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में करीब 75 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पॉली हाउस तकनीक से विभिन्न फसलों का उत्पादन किया जा रहा है।

जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि पॉली हाउस में किसान शिमला मिर्च, खीरा और मशरूम के साथ गुलाब व जरबेरा जैसे फूलों की खेती कर रहे हैं। संरक्षित वातावरण में खेती होने से फसलों को प्रतिकूल मौसम से बचाने में मदद मिलती है। साथ ही उच्च मूल्य वाली फसलों का उत्पादन कर किसान अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। फूलों की खेती करने वाले किसानों को भी पॉली हाउस तकनीक का लाभ मिल रहा है।

योगी सरकार दे रही 50 प्रतिशत तक अनुदान

उन्होंने बताया कि योगी सरकार द्वारा एकीकृत बागबानी विकास मिशन के तहत पॉली हाउस लगाने पर आने वाली कुल लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। शुरुआती खर्च कम होने से किसानों को काफी राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से किसानों को योजना की जानकारी देने के साथ तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

बताया कि जिले में संरक्षित खेती का क्षेत्रफल लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में करीब 75 हजार वर्ग मीटर में पॉली हाउस तकनीक से खेती हो रही है। आने वाले समय में इसे बढ़ाकर एक लाख वर्ग मीटर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

बताया कि पॉली हाउस तकनीक का विस्तार होने से जिले में आधुनिक कृषि को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों की आय के नए स्रोत भी विकसित होंगे। आने वाले समय में एक लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में संरक्षित खेती का लक्ष्य पूरा होने पर मीरजापुर में पॉली हाउस आधारित खेती का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।

 

रिपोर्ट: भोलानाथ यादव

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