कागज की गड्डी का ‘मायाजाल’ टूटा, पुलिस की घेराबंदी में टप्पेबाजों का खेल खत्म! आजमगढ़ में मुठभेड़ के बाद गैंग के तीन शातिर गिरफ्तार, दो के पैर में लगी गोली

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

वाराणसी आजमगढ़ महिलाओं को कागज की गड्डी को रुपये की गड्डी बताकर भ्रमित करना, फिर उनके कीमती जेवर उतरवाकर पलक झपकते ही फरार हो जाना—टप्पेबाजी के इस शातिर खेल का आजमगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। तरवां और मेहनगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजनपदीय टप्पेबाज गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुए हैं।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 13 अगस्त की रात पुलिस को बड़ी सफलता मिली। तरवां क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि टप्पेबाजी की घटनाओं में वांछित तीन आरोपी काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल से चिरैयाकोट की ओर से बोगरिया की तरफ आ रहे हैं और उनके पास अवैध हथियार भी हैं।

पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। कुछ देर बाद संदिग्ध पल्सर दिखाई दी। पुलिस ने टॉर्च की रोशनी से रुकने का इशारा किया तो बाइक सवार भागने लगे। इसी दौरान बाइक फिसलकर गिर गई और एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भाग निकला। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान एक आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में मुकेश यादव के पैर में गोली लगी, जबकि कमलेश राम को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

अंधेरे में भागा तीसरा आरोपी, मेहनगर पुलिस ने भी दबोचा

फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीमों ने घेराबंदी और चेकिंग तेज कर दी। इसी क्रम में मेहनगर पुलिस ने शिवरामपुर नहर पुलिया के पास संदिग्ध व्यक्ति को देखा। पुलिस के अनुसार, रोकने पर वह भागने लगा और पीछा करने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में विकास यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।

दोनों घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

दो तमंचे, कारतूस, बाइक और हजारों की नकदी बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो .315 बोर के तमंचे, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस, पल्सर मोटरसाइकिल और 6,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा टप्पेबाजी की घटनाओं से जुड़े मंगलसूत्र, सोने के झुमके, कनफूल, लॉकेट, पायल और चांदी की चेन भी बरामद हुई है।

तीन जिलों की टप्पेबाजी का खुलासा

पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपियों ने आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में टप्पेबाजी की कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, गैंग का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी पॉलिथीन में कागज की गड्डी रखकर उसे रुपये की गड्डी बताते थे और महिलाओं को लालच या झांसा देकर भ्रमित करते थे। इसके बाद मौका देखकर उनके जेवर निकलवा लेते या झोला लेकर फरार हो जाते थे।

पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए 3 अगस्त को मऊ के खरिहानी तिराहे, 7 अगस्त को आजमगढ़ के कंचनपुर बाजार और इसी दिन गाजीपुर के दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन के सामने हुई टप्पेबाजी की घटनाओं का खुलासा करने का दावा किया है।

एक ही गांव के तीन आरोपी, तीन जिलों में फैला था खेल

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तीनों आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं और मिलकर गैंग के रूप में वारदात करते थे। महिलाओं को निशाना बनाने के बाद जेवर सोनार को बेचकर रकम आपस में बांटने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।

तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने तरवां और मेहनगर थाने में हथियार बरामदगी एवं पुलिस टीम पर फायरिंग से संबंधित धाराओं में भी मुकदमे दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस की सतर्कता ने टप्पेबाजों के ‘झांसे के कारोबार’ पर लगाया ब्रेक

आजमगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से तीन जिलों में महिलाओं को निशाना बनाकर टप्पेबाजी करने वाले गिरोह का नेटवर्क सामने आया है। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और चोरी-ठगी के जेवरों की खरीद-फरोख्त करने वालों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

कागज को नोटों की गड्डी बताकर भरोसा जीतने वाले टप्पेबाजों का खेल आखिरकार पुलिस की सतर्क निगाहों से बच नहीं सका—मुठभेड़, गिरफ्तारी और बरामदगी के साथ अंतरजनपदीय गैंग पर कानून का शिकंजा कस चुका है।


रिपोर्ट: विजयलक्ष्मी तिवारी

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई