जौनपुर
थाना लाइन बाजार क्षेत्र के सिहिपुर हरिनाथ पट्टी कालोनी में सड़क निर्माण को लेकर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है। कि सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी से स्वीकृति/पास होने के बावजूद आज तक सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। बरसात शुरू होते ही कालोनी की स्थिति और भी बदतर हो गई है।
कालोनी निवासी दिलीप कुमार साहू के मुताबिक, सड़क निर्माण का कार्य शुरू हुआ था, लेकिन कुछ समय बाद ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर चला गया। स्थानीय लोगों का आरोप है। कि निर्माण स्थल पर डाली गई सड़क निर्माण सामग्री भी बाद में वहां से हटा ली गई। इसके बाद से सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बारिश होते ही सड़क नहीं, कीचड़ का समंदर बन जाती है। कालोनी
स्थानीय निवासियों का कहना है। कि बारिश के दिनों में सड़क पर इतना कीचड़ हो जाता है। कि पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। लोगों के अनुसार, बच्चे आए दिन कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं। जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
कालोनीवासियों का यह भी कहना है। कि आवास विकास और नगर पालिका के बीच सड़क निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आवास विकास की ओर से नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को सड़क निर्माण के संबंध में आपत्ति/निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इस संबंध में संबंधित विभागों का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
जब व्यवस्था ने नहीं सुनी तो दिलीप साहू ने खुद उठाया जिम्मा
व्यवस्था की उदासीनता के बीच कालोनी निवासी दिलीप कुमार साहू ने मानवीय पहल करते हुए अपने निजी खर्च से सड़क पर ईंटें बिछाने का काम शुरू किया है। ताकि बरसात के मौसम में कालोनीवासियों को कुछ राहत मिल सके।
सवाल यह है। कि जब एक आम नागरिक अपने स्तर से लोगों की परेशानी कम करने के लिए सड़क पर ईंट बिछा सकता है। तो संबंधित सरकारी विभाग वर्षों/महीनों से लंबित सड़क निर्माण को पूरा क्यों नहीं करा पा रहा है।
डीएम और पीडब्ल्यूडी के आला अधिकारियों से उठी जांच की मांग
कालोनीवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है। कि मौके का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि सड़क निर्माण की स्वीकृति किस विभाग से और कब मिली।
निर्माण कार्य किस एजेंसी/ठेकेदार को सौंपा गया था।
कार्य अधूरा छोड़ने का कारण क्या है।
सड़क निर्माण के लिए आई सामग्री कहां गई।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता और भुगतान की क्या स्थिति है।
आखिर कालोनीवासियों को पक्की सड़क की सुविधा कब मिलेगी।
सबसे बड़ा सवाल यही है। कि कागजों में सड़क पास होने के बावजूद जमीन पर सड़क क्यों नहीं दिखाई दे रही।
जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के आला अधिकारियों को अब इस मामले को केवल शिकायत मानकर फाइलों में दबाने के बजाय मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखने और जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है।
कालोनीवासियों को जांच नहीं, चलने लायक सड़क चाहिए।
उन्हें आश्वासन नहीं, बारिश से पहले स्थायी समाधान चाहिए।
अब देखना यह है। कि सिहिपुर हरिनाथ पट्टी की बदहाल सड़क पर जिम्मेदारों की नजर कब पड़ती है। और कालोनीवासियों के चेहरे पर मुस्कान कब लौटती है।
रिपोर्ट – सुरेश कुमार शर्मा











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