जौनपुर
सिर्फ आधे घंटे की बारिश और जौनपुर की नगरीय व्यवस्था की तस्वीर पानी-पानी! बुधवार को हुई बारिश के बाद कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पत्रकार भवन में जलभराव की स्थिति ने नगर की जलनिकासी एवं सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
गौर करने वाली बात यह है। कि जिस कलेक्ट्रेट परिसर में यह स्थिति देखने को मिली, वहीं जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं सूचना विभाग के कार्यालय भी स्थित हैं।
यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी, अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक विभिन्न कार्यों से पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण परिसर में बारिश के पानी का भर जाना व्यवस्था की तैयारियों पर सवालिया निशान खड़ा करता है।
दावों और जमीन पर दिख रही तस्वीर में कितना अंतर
नगर पालिका परिषद की ओर से शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के दावे किए जाते रहे हैं। लेकिन बारिश के बाद सामने आई तस्वीरें इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती नजर आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है। कि शहर के कई हिस्सों में नियमित कूड़ा उठान और नालियों की सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर नालियां क्षतिग्रस्त हैं। जबकि जगह-जगह सड़कों की खराब स्थिति भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
बारिश के दौरान जलभराव ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है। कि आखिर नालों और नालियों की सफाई तथा जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर नगर पालिका की तैयारियां कितनी प्रभावी हैं।
स्वच्छ और सुंदर जौनपुर’ के दावों की होगी जांच
नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्या की ओर से शहर की स्वच्छता एवं विकास को लेकर किए जाने वाले दावों के बीच अब जनता यह जानना चाहती है। कि बारिश के बाद पैदा हुई इस स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी है।
क्या जलभराव वाले स्थानों का नगर पालिका द्वारा पूर्व में निरीक्षण किया गया था।
क्या नालियों और जलनिकासी मार्गों की समय रहते सफाई कराई गई थी।
अगर कराई गई थी तो फिर मामूली बारिश में कलेक्ट्रेट परिसर तक जलभराव की स्थिति क्यों पैदा हुई।
ये सवाल अब नगर पालिका प्रशासन के सामने खड़े हैं।
वाहनों और सफाई व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों द्वारा नगर पालिका की कुछ गाड़ियों के संचालन एवं नंबर प्लेट को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि इन आरोपों में तथ्य है। तो संबंधित विभाग को इसकी जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
वीडियो और प्रत्यक्षदर्शी बने गवाह
इस पूरी स्थिति से संबंधित वीडियो फुटेज उपलब्ध होने का दावा किया गया है। वहीं मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार जलभराव की स्थिति प्रत्यक्ष रूप से देखी गई। ऐसे में अब आवश्यकता है। कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर जलभराव के कारणों और नगर की जलनिकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जांच कराएं।
जनता पूछ रही है। बारिश से पहले तैयारी क्यों नहीं
सवाल किसी एक व्यक्ति या विभाग को कटघरे में खड़ा करने का नहीं, बल्कि जनता के पैसे से चलने वाली व्यवस्था को जवाबदेह बनाने का है।
अगर आधे घंटे की बारिश में शहर की महत्वपूर्ण जगहों पर पानी भर जाता है। तो आने वाले दिनों में तेज बारिश के दौरान आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी।
नगर पालिका प्रशासन को अब दावों से आगे बढ़कर जमीन पर काम दिखाना होगा।
जनता की मांग है। कि कलेक्ट्रेट परिसर सहित जलभराव वाले स्थानों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, नालियों की सफाई एवं जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त की जाए और जहां लापरवाही सामने आए, वहां जिम्मेदारी तय की जाए।
अब देखना यह है। कि इस खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारी जागते हैं। या फिर अगली बारिश का इंतजार करते हैं!
रिपोर्ट – सुरेश कुमार शर्मा











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