अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कुं मनोज सिंह भदौरिया ने अपने पिता स्व राजेंद्र सिंह भदौरिया की पुण्यतिथि पर मानव सेवा का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। उन्होंने नौबस्ता पहाड़पुर स्थित अपना घर आश्रम में रह रहे प्रभुजनों के साथ अपने परिवार सहित भोजन वितरण किया और उनके साथ समय बिताया।

कार्यक्रम की शुरुआत आश्रम परिसर में स्व. राजेंद्र सिंह भदौरिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। भोजन वितरण के बाद कुं मनोज सिंह भदौरिया ने कहा कि आज के दिन मैं अपने पिता स्व. राजेंद्र सिंह भदौरिया को नमन करता हूं। वो हमारे लिए सिर्फ पिता नहीं बल्कि जीवन के प्रेरणास्रोत थे।
उन्होंने हमें बचपन से ही यही सिखाया था कि धन-दौलत से बड़ी इंसानियत है। आज जो कुछ भी मैं हूं वो उनके संस्कारों की देन है। उनके दिखाए रास्ते पर ही मैं चल रहा हूं और मेरी आने वाली पीढ़ी भी उसी मार्ग पर चलेगी। उन्होंने कहा था कि बेटा समाज में सबसे कमजोर व्यक्ति की मदद करना ही असली क्षत्रिय धर्म है।

इसीलिए उनकी पुण्यतिथि पर हम यहां अपना घर आश्रम आए हैं। यहां सड़क किनारे लावारिस हालत में मिले हमारे प्रभुजन रहते हैं। उनके साथ बैठकर भोजन करना मेरे लिए किसी तीर्थ से कम नहीं है। आश्रम में रह रहे सभी प्रभुजनों को स्व. राजेंद्र सिंह भदौरिया के जीवन परिचय और समाजसेवा के कार्यों के बारे में विस्तार से बताया गया।
बताया गया कि वे किस प्रकार जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे।आश्रम की अध्यक्ष उमा शुक्ला ने कहा पिछले कई वर्षों से अपना घर आश्रम सड़क पर मिले असहाय, मानसिक रूप से बीमार और लावारिस लोगों को उठाकर लाने उनका इलाज कराने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने का काम कर रहा है।
कुं मनोज सिंह भदौरिया के परिवार द्वारा किया गया भोजन वितरण हमारे लिए प्रेरणा है। ऐसे लोग समाज के लिए मिसाल हैं। आश्रम के सचिव जे.पी सिंह ने आए हुए सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर मुख्य रूप से आकाश सिंह भदौरिया पंकज तोमर राकेश राना सहित काफी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी











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