वाराणसी
कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार स्थित मियाना महाल की वक्फ संपत्ति पर कथित अवैध कब्जे की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि अदालत से मुकदमा हारने के बाद फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर तोड़फोड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। कैंट पुलिस ने सोनभद्र सीएचसी में तैनात एक मेडिकल अफसर (MO) समेत 5 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित सैयद अजफर अली ने तहरीर में बताया कि वह और उनके भाई अर्दली बाजार स्थित ‘वक्फ अलल औलाद’ संपत्ति के वैध मुतवल्ली हैं। नगर निगम और जल संस्थान के अभिलेखों में भी उनका नाम दर्ज है। उनका कहना है कि वर्ष 2016 में विपक्षियों ने इस संपत्ति को लेकर वाद दायर किया था, जिसे 27 मार्च 2024 को उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण, लखनऊ ने खारिज कर दिया था। न्यायाधिकरण ने उन्हें ही संपत्ति का वैध मुतवल्ली और कब्जेदार माना था।
आरोप है कि न्यायाधिकरण से मामला हारने के बावजूद विपक्षियों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची। इतना ही नहीं, सड़क चौड़ीकरण के दौरान कथित रूप से फर्जी अभिलेखों के आधार पर मुआवजा प्राप्त करने का भी प्रयास किया गया।
पीड़ित पक्ष के विरोध करने पर आरोपियों ने कथित तौर पर संपत्ति पर पहुंचकर तोड़फोड़ की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद मामले की शिकायत कैंट थाने में दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सोनभद्र सीएचसी में तैनात मेडिकल अफसर (MO) समेत 5 नामजद और 10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि वक्फ संपत्ति से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।










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