मीरजापुर
किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी को भी लगातार बढ़ावा दे रही है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और अनुदान का लाभ उठाकर जनपद मीरजापुर के किसान अब स्ट्रॉबेरी की खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। कम समय में अधिक मुनाफा देने वाली इस फसल ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि जनपद मीरजापुर में वर्तमान समय में 190 किसान 100 एकड़ से अधिक भूमि पर स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। वर्ष 2026-27 में स्ट्रॉबेरी की खेती का रकबा बढ़ाकर 150 एकड़ करने का लक्ष्य है। बताया कि किसानों को इस फसल के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रति हेक्टेयर 90 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
इससे किसानों पर शुरुआती लागत का बोझ कम हो रहा है और अधिक से अधिक किसान बागवानी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती करने करने वाले किसान एक फसल में प्रति एकड़ 12 से 14 लाख की आय अर्जित कर रहे हैं।
लगातार बढ़ रहा स्ट्रॉबेरी का रकबा
उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी एक नकदी फसल है, जिसकी बाजार में पूरे वर्ष अच्छी मांग बनी रहती है। मीरजापुर की जलवायु और मिट्टी इस फसल के लिए अनुकूल साबित हो रही है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में स्ट्रॉबेरी की खेती का रकबा लगातार बढ़ा है। किसान पारंपरिक फसलों की तुलना में स्ट्रॉबेरी से कई गुना अधिक लाभ अर्जित कर रहे हैं।
उद्यान अधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तायुक्त पौधों की उपलब्धता तथा आधुनिक खेती की जानकारी भी दी जा रही है। विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से अवगत करा रहा है। इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हो रही है।
बाजार में है स्ट्रॉबेरी की भारी मांग
स्ट्रॉबेरी की खेती से न केवल किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। फसल की तुड़ाई, पैकिंग और विपणन कार्यों में स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा मीरजापुर की स्ट्रॉबेरी अब आसपास के जिलों के साथ-साथ बड़े शहरों के बाजारों तक पहुंच रही है।
योगी सरकार की बागवानी प्रोत्साहन नीति और उद्यान विभाग के प्रयासों का ही परिणाम है कि मीरजापुर के किसान आधुनिक और लाभकारी खेती को अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों के लिए आय का नया स्रोत बनकर उभरी है और आने वाले समय में इसके विस्तार की व्यापक संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।










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