मीरजापुर
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड विकास, आकांक्षात्मक विकास खण्ड व वन ट्रिलियन डॉलर सेल की प्रगति की समीक्षा बैठक आहूत की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान बी व सी श्रेणी प्राप्त करने वाले विभागों के अधिकारियों पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि अगले माह तक प्रगति में अनिवार्य रूप से सुधार लाया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा में जिन विभागों / योजनाओं को ए श्रेणी प्राप्त हुई है, उनमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, सोलर स्ट्रीट लाइट बीकेएस ग्राम उन्नति योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन, पर ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरिगेशन, खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतें, दैनिक विद्युत आपूर्ति घंटे ग्रामीण, दैनिक विद्युत आपूर्ति घंटे शहरी, विद्युत बिल में सुधार हेतु आवेदन, कृषि रक्षा रसायन डीबीटी,
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम कुसुम बी डीबीटी, मनरेगा, भवन निर्माण, सड़क निर्माण, एंबुलेंस 102, एंबुलेंस 108, मोबाइल मेडिकल यूनिट, मूल्य भुगतान की स्थिति, सहकारी दुग्ध समितियां, दिव्यांग पेंशन, दिव्यांग पेंशन आधार सीडिंग, जल जीवन मिशन हर घर जल योजना, 15 वां वित्त आयोग ग्राम पंचायत, 5 वां राज्य वित्त आयोग ग्राम पंचायत, एसबीएमजी
फेज-2 व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2, सामाजिक वानिकरण, ऑपरेशन कायाकल्प, अंडा उत्पादन, निराश्रित गोवंश का संरक्षण, पशु टीकाकरण, पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान, संरक्षित निराश्रित गोवंश की सुपुर्दगी, शादी अनुदान योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मत्स्य उत्पादन, निराश्रित महिला पेंशन आधार सीडिंग, पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला पेंशन,
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, प्रोजेक्ट अलंकार, सड़कों का अनुरक्षण, स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड, कन्या विवाह सहायता योजना, मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन आधार सीडिंग, जिला सहकारी बैंक अल्पकालीन ऋण वितरण एवं वसूली आदि शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों की जांच कर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाए तथा एक सप्ताह के भीतर सभी अवशेष आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
फैमिली आईडी व फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा में उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी व खण्ड विकास अधिकारियों को प्रतिदिन समीक्षा कर डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जल निगम की समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियंता ग्रामीण व नगरीय को निर्देश दिया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को एक माह के भीतर दुरुस्त कराकर आख्या उपलब्ध कराई जाए।
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि संकेतकों पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। बैठक में आकांक्षात्मक विकास खण्ड और वन ट्रिलियन डॉलर सेल से संबंधित सभी इंडिकेटरों पर विस्तृत चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार मिश्र, परियोजना निदेशक धर्मजीत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार दीक्षित, अर्थ एवं संख्याधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।










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