मीरजापुर
विकास भवन पथरहीया के सभागार में मंगलवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने की, जबकि संचालन उप कृषि निदेशक विकेश पटेल ने किया।किसान दिवस में सहकारिता, विद्युत, पशुपालन, कृषि, उद्यान, सिंचाई, चकबंदी, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, वन सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। किसानों ने कहा कि खरीफ सीजन में सहकारी समितियों पर डीएपी-यूरिया का संकट बना है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।

सड़क और सिंचाई से जुड़ी समस्याओं पर भी किसानों ने नाराजगी जताई। नारायणपुर-इमलिया चट्टी मार्ग पर भभुआर, रसूलपुर, बंगला चट्टी और ममोलापुर में पाइपलाइन लीकेज से सड़क क्षतिग्रस्त है। कैलहट से अदलहाट मार्ग पर जलभराव से आवागमन बाधित है। सिकिया माइनर में खरपतवार से पानी आगे नहीं पहुंच रहा है। गौरही माइनर का मुख्य गेट खराब है और ह्यूम पाइप लगने से सिंचाई बाधित है।
इसके अलावा भागवत ब्रांच नहर की पटरी, राजगढ़ के ढबही गांव में जलभराव, जमालपुर के बरईपुर-डुमरी संपर्क मार्ग, अहरौरा बांध की मुख्य नहर के गेट और बंदरों के आतंक का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों ने विंध्य एक्सप्रेस-वे को जनहित में न बताते हुए निरस्त करने की मांग की।
मुख्य विकास अधिकारी ने पिछले माह की शिकायतों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लक्ष्मीनिया नाले की सफाई और नारायणपुर पंप कैनाल पर लगी बैरीकेडिंग हटाने के निर्देश दिए। अंत में किसानों को पौध वितरित की गई।
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह, प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह किसान, जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी, मंडल सचिव बी डी सिंह, जिला महासचिव वीरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष स्वामी दयाल सिंह, उपाध्यक्ष सुखनंदन दुबे, लक्ष्मीकांत पांडेय, अवधेश सिंह, मुकुटधारी सिंह, जिला सचिव बृजराज सिंह राजू, तहसील अध्यक्ष रामवृक्ष सिंह, प्रदीप सिंह, अरुण कुमार सिंह, राम सूरत सिंह, राजेंद्र प्रसाद सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।









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