मीरजापुर
जिगना थाना क्षेत्र के कैनाल पंप हरगढ़ सेकंड से जुड़ी मुख्य नहर के बार-बार टूटने से किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ नहर से सटे खेतों में खड़ी फसल पानी में डूब गई है, तो दूसरी तरफ आगे के दर्जनों गांवों तक पानी पहुंचना बंद हो गया है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, नहर से सटे गाटा संख्या 1892 में नियमों को ताक पर रखकर लगातार मिट्टी की अवैध खुदाई की जा रही है। इससे नहर की दीवार कमजोर हो गई है और मामूली दबाव में ही वह टूट जा रही है। टूटने पर तेज बहाव के साथ पानी सीधे खेतों में घुस जाता है।
परिणामस्वरूप, नहर के किनारे वाले खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। धान और मौसमी सब्जियों की खड़ी फसल खराब हो गई है। वहीं, पानी बीच में ही बह जाने से टेल-एंड के गांवों तक सप्लाई पूरी तरह बाधित है। किसान सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और महंगे डीजल पंप पर निर्भर होने को मजबूर हैं।
किसानों ने मांग की है कि:
गाटा संख्या 1892 पर हो रही अवैध खुदाई पर तुरंत रोक लगे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो • नहर की अस्थायी मरम्मत की जगह स्थायी पक्का निर्माण कराया जाए • डूबी फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए
ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में यही कहानी दोहराई जाती है। अगर समय रहते नहर को मजबूत नहीं किया गया तो आगे खरीफ की पूरी फसल संकट में पड़ जाएगी।
फिलहाल सिंचाई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर टूटे हिस्से में मिट्टी भरकर पानी रोकने का प्रयास किया है, लेकिन किसान इसे स्थायी समाधान नहीं मान रहे।










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