बागपत,
महावीर स्वामी दिगम्बर जैन मंदिर बड़ौत के अध्यक्ष विनोद कुमार जैन एडवोकेट ने कहा कि मेनका गांधी द्वारा दिगम्बर जैन समाज के परम पूज्य आचार्य सौरभ सागर जी महाराज के सम्मुख दिगम्बर मुनि की पिच्छिका के बारे में जो बयान दिया गया है, उससे संपूर्ण जैन समाज के अनुयायियों में रोष व्याप्त है। मेनका गांधी को जैन आगम का कोई ज्ञान नहीं है,
वह जैन समाज के बिना आमंत्रण के परम पूज्य आचार्य सौरभ सागर जी के पास आई तथा वहाँ आकर दिगम्बर जैन मुनियों के द्वारा धारण की जाने वाली पिच्छिका के बारे में घोर निंदनीय वक्तव्य दिया है, जिससे संपूर्ण विश्व में निवास करने वाले जैन अनुयायी में रोष व्याप्त है। सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए मेनका गांधी द्वारा ऐसा आधारहीन बयान दिया गया है।
गांधी परिवार के वर्तमान से लेकर पूर्व तक के सभी नेताओं ने जैन मुनियों को अपना आराध्य माना है तथा उनके दर्शन पूजन करके जैन धर्म में अपनी आस्था व्यक्त की है। मेनका गांधी ने जैन मुनियों की पिच्छिका के बारे में बेबुनियाद, आधारहीन एवं बचकाना बयान देकर जैन धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
दिगम्बर जैन मुनियों द्वारा धारण की जाने वाली पिच्छिका संयम का उपकरण है, जिसको दिगम्बर जैन मुनि अनादि से धारण करते चले आ रहे है। विनोद जैन ने कहा कि मेनका गांधी को अपने द्वारा दिए गए बयान को लेकर जैन समाज से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।










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