वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
धर्म और आस्था की नगरी काशी के जैतपुरा थाना क्षेत्र में भू-माफियाओं और दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने अब भगवान के दर और एक दिव्यांग संत को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतर्गत आने वाले ‘श्री भीम बाबा मठ’ की बेशकीमती जमीन पर गिद्ध नजर गड़ाए बैठे दबंगों ने न सिर्फ मठ की बाउंड्रीवॉल ढहा दी, बल्कि विरोध करने पर एक दिव्यांग महंत को घेरकर बेरहमी से पीटा और जान से मारने की धमकी दे डाली।
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी राजन उर्फ नेपाली समेत कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित महंत जितेंद्र गिरी (शिष्य सुरेश गिरी) की तहरीर के मुताबिक, वह शक्कर तालाब (अलईपुर), जैतपुरा स्थित भीम बाबा मठ के पुजारी और महंत हैं। वह शारीरिक रूप से विकलांग (दिव्यांग) हैं। मठ की ही एक अन्य संपत्ति अलईपुर में माता शैलपुत्री देवी मंदिर के ठीक सामने है, जिसका आराजी नंबर 737 है और वहां गणेश मंदिर स्थापित है।
महंत पिछले कुछ दिनों से इस आराजी की पुरानी और जर्जर बाउंड्रीवॉल की मरम्मत करवा रहे थे। इसी बीच इलाके के कुछ शातिर भू-माफिया और मनबढ़ दबंगों की नजर इस कीमती सड़क किनारे वाली जमीन पर पड़ गई।
”एक पैर से विकलांग हो, दूसरा भी तोड़ देंगे!”
पीड़ित के अनुसार, 7 जून 2026 की दोपहर को क्षेत्रीय दबंग राजन उर्फ नेपाली (पुत्र हीरा सोनकर), उसका भाई कमलेश सोनकर और कुछ अज्ञात लोग काम रुकवाने पहुंच गए। जब दिव्यांग महंत ने मना किया, तो दबंगों ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए कहा:”अभी एक पैर से विकलांग हो, नहीं मानोगे तो तुम्हें दोनों पैर से विकलांग बना देंगे!”
रात के अंधेरे में लाठी, डंडे और चाकुओं से हमला
दबंग इतने पर ही नहीं रुके। उसी रात करीब 8 बजे आरोपियों ने मठ की नव-निर्मित बाउंड्रीवॉल को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। जब महंत जितेंद्र गिरी मौके पर पहुंचे, तो राजन उर्फ नेपाली, कमलेश सोनकर और उनके भाईयों ने कई अज्ञात गुर्गों के साथ उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
दबंगों के हाथों में चाकू, छुरे, असलहे और लाठी-डंडे थे। आरोपियों ने दिव्यांग बाबा को मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए थप्पड़ों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। दबंगों ने बाबा की छाती पर असलहा तानकर सीधे शब्दों में कहा—”जमीन छोड़कर भाग जाओ, नहीं तो जान से मार देंगे। अगर पुलिसिया कार्रवाई की तो मार कर फेंक देंगे।” गनीमत रही कि बाबा के शोर मचाने पर भारी भीड़ जुट गई, जिसे देखकर आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिसिया कार्रवाई: बीएनएस (BNS) की धाराओं में FIR दर्ज
घटना के बाद बुरी तरह भयभीत महंत ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। काशी कमिश्नरेट के जैतपुरा थाने में FIR No. 0133 दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की निम्नलिखित गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है:
• धारा 191(2): दंगा/बलवा करने के संबंध में।
•धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुँचाना।
• धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना।
• धारा 351(3): जान से मारने की आपराधिक धमकी देना।
• धारा 324(2): शरारत (मठ की दीवार तोड़ने के संदर्भ में)।
प्रशासन को खुली चुनौती: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक दिव्यांग संत को इस तरह सरेआम पीटना और मंदिर-मठ की जमीनों पर कब्जे का प्रयास करना सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती है। अब देखना यह है कि काशी पुलिस इन भू-माफियाओं पर कब और कितना सख्त ‘बुलडोजर’ एक्शन लेती है!










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