सफीपुर उन्नाव।
कस्बे में लंबे समय से विवादों में रहे अदिउलरहमान उर्फ रूमी को रंगदारी वसूली और दलित उत्पीड़न के मामले में जेल भेजे जाने के बाद उसके करीबी सहयोगियों और समर्थकों में हड़कंप मच गया है। बुधवार को सफीपुर पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। बताया जाता है कि आरोपी पर पूर्व में भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं, यहां तक नगर पंचायत सफीपुर एवं तहसील के अभिलेखों में भी हेरा फेरी करके अपने घर चुरा ले गया था जो की उन्नाव से सफीपुर आता था और गाड़ी में एक बोरी में चोरी के अभिलेख रख कर लाता था
जिससे कोटेदार रुमी को अवैध वसूली करने में आसानी होती थी लेकिन विभिन्न कारणों से मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों के बीच उसकी गतिविधियां लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई थीं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में आरोपी के खिलाफ गरीबों के राशन की कथित कालाबाजारी से जुड़ा मुकदमा भी दर्ज हुआ था। हालांकि बाद में वह कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लेकर कार्रवाई से बचने में सफल रहा।
आरोप है कि वह स्वयं को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताकर लोगों और अधिकारियों पर प्रभाव बनाने का प्रयास करता था, जिससे उसके खिलाफ शिकायत करने वाले कई लोग खुलकर सामने नहीं आ पाते थे।हाल ही में दर्ज रंगदारी और दलित उत्पीड़न के प्रकरण के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच तेज कर दी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद कस्बे में चर्चाओं का बाजार गर्म है और कई लोग अब अपने साथ हुई कथित घटनाओं को लेकर सामने आने की तैयारी कर रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि आरोपी के जेल जाने के बाद उसके विरुद्ध अन्य मामलों की शिकायतें भी पुलिस तक पहुंच सकती हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा प्राप्त शिकायतों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।










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