चन्दौली चकिया
खेती-बाड़ी से जुड़ी अनेक समस्याओं पर गंभीर बिचार विमर्श किया गया। आगामी धान की खेती अब सर पर आ रही है। इसके लिए सिंचाई और बाढ़ निकासी दो प्रमुख समस्याओं पर फोकस किया गया।
इसके बाद खेती और जनजीविका पर अमरीकी साम्राज्य द्वारा हो रहे हमले पर कार्यकर्ताओं ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़े शब्दों में निंदा की गई। अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने कहा कि कोई भी सरकार एम एस पी गारांटी कानून लागू नहीं कर रही है।
ऐसी सरकार को किसान हितैषी नहीं कहेंगे। खेती को उत्तम कहा जाता था अब शासन की किसान विरोधी नीतियों के कारण उत्तम की जगह निम्नतम कहा जा रहा है।
संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दादागिरी को भारत के किसानों के लिए भारी खतरा बताया। मोदी सरकार ट्रंप के रिमोट कंट्रोल में काम कर रही है।
यह भारत के प्रतिष्ठा का मान मर्दन है। ट्रैक्टर हार्वेस्टर डीजल और खाद की कीमत तथा बिजली और सिंचाई और की नीतियां और कीमतें राजनीतिक हाथ तय करते हैं इसलिए राजनीति पर नजर रखनी चाहिए और राजनीतिक पर्दाफाश करना चाहिए। संगठन मंत्री ने कहा कि धान की रोपाई में लगभग एक महीने का समय शेष है।
जून महीने तक सिंचाई और बाढ़ निकासी के संसाधनों को आपसी सहयोग से हल करना चाहिए। सरकारी कार्यदाई संस्थाओं जैसे सिंचाई बिभाग और बंधी डिवीजन से सिंचाई और निकासी के संसाधनों को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए आवाज उठानी चाहिए। इसके साथ सांसद विधायक जिलापंचायत और क्षेत्र पंचायत ग्राम पंचायत का भी सहयोग लेना चाहिए।
आपदा राहत मुआवजा बाढ़ राहत राशि, गेहूं खरीद में सरकार को फ्लाप बताया गया। 1 जून से बिजली की बढ़ती कीमतों पर किसानों ने निंदा किया।
इस कार्यक्रम में सम्मिलित उपेंद्र सिंह, सुरेश मौर्य, भीष्म नारायण यादव, अनिल सिंह, राजकुमार सिंह, राजेश्वर सिंह, ओमप्रकाश सिंह, चंद्र सुधीर सिंह, रामप्रकाश सिंह,राम लाल,बेचयी सिंह, कन्हैया सिंह, अमित कुमार सिंह, गोविंद गुप्ता,अभिनव सिंह, बीरेंद्र सिंह,राम औतार सिंह, दिलीप सिंह,राम अनंत पांडेय, अंकित पांडेय, दिलीप सिंह, बलवंत सिंह, मनीष सिंह इत्यादि सम्मिलित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बेचयी सिंह ने किया और संचालन राम अवध सिंह ने किया।









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