चन्दौली इलिया
कस्बे में आयोजित होने वाली बुद्ध कथा के शुभारंभ से पूर्व गुरुवार को बुद्ध अनुयायियों द्वारा भव्य धम्म यात्रा निकाली गई। धम्म यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं एवं बच्चों ने भाग लिया। पूरे कस्बे में भगवान बुद्ध के उपदेशों एवं शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश गूंजता रहा। यात्रा के दौरान श्रद्धालु “जय बुद्ध” और “बुद्धं शरणं गच्छामि” के उद्घोष लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे।

धम्म यात्रा का शुभारंभ सरैंया पंचायत भवन से हुआ। यात्रा में सबसे आगे आटो पर भगवान गौतम बुद्ध की पंचशील झंडा सजाई गई थी, और फूल-मालाओं रंग-बिरंगी सजावट भी किया गया था। इसके पीछे बौद्ध ध्वज लिए अनुयायी कतारबद्ध होकर चल रहे थे। कई श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, जिससे यात्रा की शोभा और बढ़ गई।
धम्म यात्रा कस्बे के मुख्य मार्गों, बाजारों एवं विभिन्न मोहल्लों से होकर गुजरी। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया तथा पुष्प दे कर सम्मान व्यक्त किया। यात्रा के दौरान अनुशासन एवं शांति का विशेष ध्यान रखा गया।
स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम आयोजकों ने बताया कि बुद्ध कथा का आयोजन समाज में समता, करुणा, अहिंसा और मानवता का संदेश फैलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार आज के समय में समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। धम्म यात्रा के माध्यम से लोगों को भगवान बुद्ध के जीवन और उनके उपदेशों से प्रेरित करने का प्रयास किया गया।
कथावाचक पूज्य भिक्षुणी वंदना ने कहा कि भगवान बुद्ध ने सदैव सत्य, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाया। उन्होंने समाज से ऊंच-नीच, भेदभाव और हिंसा को समाप्त कर प्रेम एवं भाईचारे के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि बुद्ध के विचार केवल किसी एक समाज के लिए नहीं बल्कि पूरी मानव के कल्याण के लिए हैं।
धम्म यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। छोटे-छोटे बच्चे भी हाथों में ध्वज लेकर यात्रा में शामिल हुए और बुद्ध वंदना करते नजर आए। यात्रा के समापन पर बुद्ध वंदना एवं सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया गया। इसके बाद बुद्ध कथा कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
धम्म यात्रा को लेकर पूरे कस्बे में धार्मिक एवं आध्यात्मिक माहौल बना रहा। लोगों ने इसे सामाजिक एकता और सद्भाव का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में बुद्ध अनुयायी पहुंचे, जिससे आयोजन स्थल पर भारी भीड़ देखने को मिली।
इस कार्यक्रम के दौरान भंते अशोक वंश, डा0 बुद्ध प्रताप मौर्य, बलवंत मौर्य, लालजी मौर्य, गौरी शंकर मौर्य, राम अवतार सिंह कवंल, कन्हैया मास्टर, नंदलाल शास्त्री, क्रांति कुमार, स्वतंत्र कुमार, शकुंतला मौर्य, रमेश मौर्य, नंदलाल मौर्य, दशरथ, अजय मौर्या, संतोष मौर्य, बृजेश मौर्य, घूने पाल, पहलवान पाल आदि श्रद्धालु एवं भंते लोग उपस्थित रहे
रिपोर्ट – अलीम हाशमी











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