जौनपुर
दूल्हा हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख के इनामी रवि यादव के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की खबर जैसे ही सोंधी गांव पहुंची, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। जिस घर में कभी बेटे को पढ़ा-लिखाकर बड़ा अधिकारी बनाने के सपने देखे जाते थे। आज उसी घर से चीख-पुकार और मातम की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
पिता कमलेश यादव खेती-किसानी और छोटी किराने की दुकान चलाकर अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने का सपना देख रहे थे। मां अमरावती देवी की आंखों में भी छोटे बेटे रवि को लेकर हजारों उम्मीदें थीं। लेकिन कहते हैं। कि गलत संगत इंसान की जिंदगी को उस मोड़ पर ले जाती है। जहां से वापसी होना मुश्किल हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार रवि यादव पढ़ाई में सामान्य छात्र था। लेकिन किशोरावस्था में उसका संपर्क अपराधी प्रवृत्ति के लोगों से बढ़ता चला गया। धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया में ऐसा उलझा कि परिवार के सपने, मां-बाप की उम्मीदें और भाई-बहनों का भविष्य सब कुछ बिखर गया।
1 मई को हुए चर्चित दूल्हा हत्याकांड में उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसे मुख्य आरोपियों में शामिल किया और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया। सोमवार तड़के रानीमऊ के पास हुई पुलिस मुठभेड़ में उसके मारे जाने की सूचना मिलते ही गांव में सन्नाटा छा गया। बड़ा भाई दीपक यादव दहाड़े मारकर रोता रहा, मां बेसुध हो गईं और पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर समाज और सरकार के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर हमारे गांवों के युवा अपराध की राह पर क्यों जा रहे हैं। क्या केवल पुलिस कार्रवाई से अपराध खत्म होगा, या युवाओं को सही शिक्षा, सही संगत और सही रोजगार से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है।
दूल्हे आजाद बिंद के परिवार ने भी साफ कहा है। कि अभी पूरी तरह न्याय नहीं मिला है। पीड़ित परिवार चाहता है। कि जो भी दोषी हैं। उन्हें कानून के तहत कड़ी सजा मिले, लेकिन कोई निर्दोष कार्रवाई का शिकार न बने। वहीं दूसरी ओर रवि यादव के परिजनों ने एनकाउंटर और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अब पूरा जौनपुर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। जनता चाहती है। कि सच्चाई सामने आए, अपराधियों को सजा मिले और भविष्य में कोई मां अपने बेटे को इस तरह खोने को मजबूर न हो।
यह घटना केवल एक एनकाउंटर नहीं, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा संदेश है।
जब युवा शिक्षा छोड़ अपराध की राह पकड़ता है। तब केवल एक परिवार नहीं पूरा समाज बिखर जाता है।
अब जरूरत है। कि सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर युवाओं को सही दिशा दें, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपराध नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और सम्मान का रास्ता चुनें।









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