‘लेडी सिंघम’ नीतू काद्दयान का एक और एक्शन, एडीसीपी नृपेंद्र कुमार के कुशल नेतृत्व में सुलझा रोहित राजभर हत्याकांड*

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वाराणसी गोमती जोन डीसीपी ‘लेडी सिंघम’ नीतू काद्दयान की सख्त कार्यशैली ने एक बार फिर अपराधियों की कमर तोड़ दी है। सिंधोरा थाना क्षेत्र में रोहित राजभर की संदिग्ध मौत के मामले में उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया था। उनका स्पष्ट संदेश था कि “अपराधी चाहे कोई भी हो, पुलिस की पकड़ से नहीं बच पाएगा।”

डीसीपी के कड़े निर्देश और एडीसीपी नृपेंद्र कुमार के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने मात्र कुछ ही दिनों में इस हत्याकांड की परतें खोल दीं। जांच में खुलासा हुआ कि यह हत्या नहीं, बल्कि एक भीषण सड़क दुर्घटना थी। 5-6 मई की रात बसंतपुर के पास रोहित की बाइक और आरोपियों धर्मेंद्र राजभर व रामाशीष राजभर की बाइक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हुई थी।

डर के मारे आरोपी मौके से भाग निकले थे। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। इस ‘मिशन सफल’ में एडीसीपी नृपेंद्र कुमार की सटीक रणनीति और थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र कुमार त्रिपाठी की सक्रियता मुख्य रही। वहीं, हेड कांस्टेबल शिवशंकर सिंह चौहान की तत्परता और अपराधियों पर उनकी पैनी नजर की हर तरफ सराहना हो रही है।

इस खुलासे में उ0नि0 सिंधोरा चौकी प्रभारी रोहित कुमार, उ0नि0 अंकित सिंह, हे0का0 राकेश सरोज, का0 धर्मेंद्र रजक और का0 संजय राज की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही।इस त्वरित खुलासे ने वाराणसी पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और अपराधियों के मन में ‘लेडी सिंघम’ का खौफ फिर से कायम कर दिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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