सीएम योगी के सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने वाले बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने लगाई मुहर,बताई शिफ्ट की व्यवस्था

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

बरेली।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज न पढ़ने और शिफ्ट में नमाज अदा करने के बयान पर बड़ा पक्ष रखा। मौलाना शहाबुद्दीन ने सीएम योगी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि शरियत भी यही व्यवस्था देती है और मुसलमान को सड़कों पर नमाज नहीं पढ़नी चाहिए। बता दें कि 28 तारीख को होने वाले ईद के त्योहार के मद्देनजर सीएम योगी ने बयान दिया था कि नमाज शिफ्ट में पढ़ी जाए,सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर इसे न होने दिया जाए।

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह बात खुद इस्लाम का साफ नजरिया है।मुसलमान शांति और सुकून हासिल करने के लिए मस्जिद या घर में नमाज पढ़ता है और शरियत के मुताबिक भीड़ बढ़ने पर इमाम बदलकर दूसरी, तीसरी,चौथी या पांचवीं जमात (शिफ्ट) में नमाज अदा करने की व्यवस्था खुद इस्लाम में बताई गई है, ताकि ट्रैफिक बाधित न हो।

मौलाना शहाबुद्दीन ने स्पष्ट किया कि नमाज पढ़ने वाले बंदे और खुदा के दरमियान खुशू और खुजू पैदा होती है,जिसमें बीच में कोई खलल या डिस्टर्बेंस नहीं होना चाहिए।मस्जिद में नमाज पढ़ने पर ज्यादा शवाब मिलता है और घर पर भी नमाज पढ़ने का शवाब मिलता है। मौलाना ने कहा कि कोई भी मुसलमान जानबूझकर रोड या सड़क पर नमाज नहीं पढ़ता है।इस्लाम सहन पसंद है और वह आराम फरमान करता है,इस शरियत के सिस्टम से लोगों की नमाज भी शांति से हो जाएगी और किसी आम राहगीर को परेशानी भी नहीं होगी।

28 तारीख को देश में मनाई जाने वाली बकरीद को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि इस दिन पूरे शान-शौकत के साथ कुर्बानी की जाएगी।मौलाना ने मुस्लिम समाज के लोगों को समझाते हुए अपील की है कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान,गली,चौराहे या खुले में कुर्बानी बिल्कुल न करे।लोग अपने घरों या निजी स्थानों पर ही कुर्बानी करें,जिस स्थान पर यह धार्मिक कार्य हो रहा हो,उसे चारों ओर से बंद कर लिया जाए, ताकि बाहर किसी को कोई आपत्ति न हो।

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि सरकार हमेशा साफ-सफाई और कानून व्यवस्था को बेहतर से बेहतर करती है।कुर्बानी सदियों से चली आ रही परंपरा है,जो आगे भी चलती रहेगी। मौलाना ने हिदायत दी कि कुर्बानी के बाद जानवर के बचे हुए अवशेषों को वहीं पर गड्ढा खोदकर दफन कर दिया जाए, जिससे किसी को कोई शिकायत या एतराज न हो।मौलाना ने मुस्लिम समाज से पुरजोर अपील की कि किसी भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी बिल्कुल न की जाए।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई