डीडीयू नगर मुगलसराय चंदौली …..
मुगलसराय प्राचीन मां काली मंदिर अब और कहीं दूसरे जगह स्थापित की जाएगी इसी क्रम में शनिवार की रात्रि में विआईपी गेट के सामने स्थापित प्राचीन मां काली मंदिर माता के विस्थापित से संबंधित एक विशेष ( कला हरण नामक पूजा ) का आयोजन मंदिर के प्रांगण में रात्रि 8.30 बजे से किया गया।
इस पूजा के माध्यम से विशेष तौर पर देवी का पूजन अर्चन किया गया। साथ ही मंदिर परिसर में सभी प्रतिष्ठित स्थापित देवी देवताओं के मूर्ति का एक निर्धारित मात्रा में जप के साथ साथ मंत्रों के द्वारा पूजा पाठ हवन किया गया।
जिसमें विद्वान आचार्य एवं पंडितों ब्राह्मणों द्वारा इस पूजा को सकुशल संपन्न कराया गया। जिसमें विशेष रूप से इस पूजा को ( कला हरण पूजन पद्धति ) कहते हैं। इस विशेष पूजा के द्वारा मंदिर में प्रतिष्ठित स्थापित देवी देवता को अन्यत्र कही दूसरे स्थान पर स्थापित किया जाता है।
कमेटी के सदस्यों के साथ साथ निर्माण विभाग कंपनी p w d के एरिया मैनेजर प्रवीण कुमार व बृजेश कुमार भी पूजा में सम्मिलित हुए , सभी मां काली के भक्तों ने माता रानी से क्षमा याचना करते हुवे पूजा के माध्यम से मां काली से अनुमति मांगी एवं कल से अपने कार्य को प्रारंभ करने के लिए प्रतिबद्ध हुए इस कड़ी में दिनांक 17 मई 2026 दिन रविवार सुबह 10.00 बजे से सर्वप्रथम मंदिर के शिखर को सदस्यों द्वारा स्वतह हटाया जाएगा और उसके बाद धीरे-धीरे माता रानी के मंदिर को जमीदोष कर दिया जाएगा।
पूजा हवन में मुख्य रूप से मां काली मंदिर कमेटी के अध्यक्ष आशुतोष जायसवाल , पूजा मंत्री हरिप्रसाद गुप्ता व बिल्लू राजकुमार पहवा , सांस्कृतिक मंत्री व मीडिया प्रभारी सुप्रसिद्ध देवी पचरा गीत भजन गायक अशोक सिद्धार्थ केसरवानी , नथुनी माली बाबा , जय विजय पंडित , अखिलेश पंडित , अजय चौहान , शानू बाबा , बाबला मुखर्जी , श्री मति विनीता अग्रहरि आदि भक्तगण मुख्य रूप से शामिल थे। पूजा व हवन का कार्यक्रम रात्रि 8:30 बजे से देर रात्रि तक मंदिर परिसर में चला।
पूजा हवन के समय आसपास के भक्तगणों की काफी संख्या में भीड़ लगी थी। सबके मन में उदासी छाया हुआ था आंख में आंसू भरा हुआ था सबके मन में एक ही सवाल था की माता रानी अब हम सबको छोड़कर यहां से कहीं और दूसरे जगह चली जाएंगी। माता रानी अपने सभी बच्चों सभी भक्तों पर दया दृष्टि कृपा बनाए रखना। किसी भी प्रकार का नगर में छती न पहुंचे यही हम सभी का आप से हाथ जोड़ कर निवेदन है विनती है प्रार्थना है अर्चना है। हम सभी बच्चों से जाने अनजाने में जो भी गलती हुई उसे माफ करना क्षमा करना दया करना मां।









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