वाराणसी
श्रद्धा, सेवा और सत्संग के अद्भुत संगम ने पांडेयपुर की सिंधी कॉलोनी को तीन दिनों तक भक्ति रस में डुबोए रखा। नवनिर्मित पूज्य भगवान झूलेलाल मंदिर में गुरु नानक देव जी द्वारा रचित पावन गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश के उपलक्ष्य में आयोजित त्रिदिवसीय धार्मिक समागम का समापन 12 मई 2026, मंगलवार को भोग और भव्य भंडारे के साथ हुआ। फूलों और दीपों से सजा मंदिर प्रांगण देखते ही बन रहा था।

12 मई, मंगलवार को प्रातःकाल गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का विधिवत भोग लगाया गया। गुरुवाणी के पाठ और अरदास के साथ वातावरण गुरुमंत्रों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात दोपहर में आयोजित विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और विनम्रता के साथ प्रसाद ग्रहण किया। सेवा में जुटे सेवादारों की तत्परता और श्रद्धालुओं का भाव-विभोर होना इस आयोजन की सबसे बड़ी पहचान बना।
10 मई को प्रातः 9 बजे अखंड पाठ से आरंभ हुआ यह समागम तीन दिनों तक भक्ति की धारा बहाता रहा। रविवार रात और सोमवार को हुए सत्संग-कीर्तन में श्रद्धालु देर रात तक भजन-कीर्तन में लीन रहे। गुरुवाणी की मधुर गूंज और “वाहेगुरु” के जयकारों से पूरा परिसर पवित्रता से भर गया।
इस पावन आयोजन को सफल बनाने में मुखिया भावन दास आहूजा, रवि घावरी, चुन्नी लाल लोकवानी, सुरेश माखीजा, हरीलाल राजवानी, अनिल लोकवानी, अजय लोकवानी, धीरज राजवानी, सतीश माखीजा, राजेश सुहाला, राकेश वलेचा, विन्नी,मनीष सहित सिंधी समाज के गणमान्यजन और दर्जनों सेवादार दिन-रात सेवा में समर्पित रहे।
पूजा सिंधी पंचायत ने सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं और सेवादारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की कृपा से यह आयोजन शांति, प्रेम और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ।









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