गायत्री केवल मंत्र नहीं बल्कि एक दिव्य छंद है: आचार्य

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चन्दौली सकलडीहा,

कस्बा के गायत्री चेतना केंद्र पर रविवार की देर शाम तक एक दिवसीय युवा चिंतन शिविर एवं कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। उद्घोषक  विद्याधर मिश्र, बृजेश पटेल व ओंकारेश्वर का गायत्री परिवार की ओर से चंदन तिलक एवं पुष्प वर्षा के साथ आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा अखंड दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

इसके पश्चात विद्याधर मिश्र ने गायत्री मंत्र के माध्यम से कुंडलिनी जागरण एवं आध्यात्मिक चेतना पर विस्तृत प्रकाश डाला।

उन्होंने प्रार्थना विज्ञान को अत्यंत मार्मिक एवं सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया, जिसने उपस्थित युवाओं एवं परिजनों के हृदय को गहराई से स्पर्श किया। गायत्री मंत्र के महत्व को बताते हुए कहा कि लक्ष्मी, दुर्गा एवं सरस्वती की कृपा तभी सार्थक होती है, जब उनके साथ गायत्री का प्रकाश जुड़ता है। तभी धन, शक्ति एवं विद्या का सही दिशा में सदुपयोग संभव हो पाता है। बृजेश पटेल ने गायत्री मंत्र के अर्थ को सरल एवं सुंदर शब्दों में समझाते हुए बताया कि ।

उन्होंने मंत्र के 24 अक्षरों को 24 देवताओं का प्रतीक बताते हुए कहा कि गायत्री मंत्र का एक बार जप करना समस्त देव शक्तियों का एक साथ आह्वान करने के समान है। उन्होंने युवाओं के प्रश्नों का भी सहज एवं प्रभावशाली ढंग से उत्तर दिया। कार्यक्रम में युवाओं को जीवन में अध्यात्म, संस्कार एवं सकारात्मक चिंतन अपनाने का संदेश दिया। प्रश्नोत्तरी सत्र में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का सम�

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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