अबू धाबी ।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एक महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरा किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने भारत, यूएई और फ्रांस के बीच हुई एक त्रिपक्षीय बैठक में भी हिस्सा लिया।
मिसरी ने अबू धाबी में अपनी यात्रा की शुरुआत यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री और भारत के लिए विशेष दूत रीम अल हाशिमी के साथ विस्तृत चर्चा के साथ की। इसके अलावा, उन्होंने ‘मुबादाला इन्वेस्टमेंट कंपनी’ के एमडी और सीईओ खालदून अल मुबारक से भी मुलाकात की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा विदेश सचिव ने अबू धाबी में यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के पूरे दायरे की समीक्षा की और आगे के सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की। उन्होंने मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति और आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की।

जायसवाल ने एक अन्य पोस्ट में कहा विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने रीम अल हाशिमी और फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्रालय के महासचिव मार्टिन ब्रिएन्स के साथ अबू धाबी में भारत-यूएई-फ्रांस त्रिपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया। चर्चा एआई, अंतरिक्ष और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग पर केंद्रित रही। त्रिपक्षीय सहयोग को एक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा इस दौरान जनवरी 2026 में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा और फरवरी 2026 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यात्रा के दौरान लिए गए निर्णयों पर हुई
प्रगति का सकारात्मक मूल्यांकन किया गया। दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में मौजूदा स्थिति और आपसी हित के अन्य क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।यह यात्रा भारत और यूएई के बीच गहराते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।









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