वाराणसी नखास में 150 साल पुराने जर्जर भवन पर बहुमंजिला अवैध निर्माण, 16 दिन बाद भी VDA की कार्रवाई शून्य, हुकुलगंज दोहराने का खतरा

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वाराणसी

17 अप्रैल को VDA को शिकायत के बाद भी नखास की 3 फीट की गली में 150 साल पुराने जर्जर भवन पर अवैध बहुमंजिला निर्माण जारी है।

1280 वर्ग फीट में 4 इंच ईंट की दीवाल पर हो रहे निर्माण से सटे परिवार को जान का खतरा। 16 दिन में न सील, न FIR। हुकुलगंज हादसे के बाद भी ODA की चुप्पी पर सवाल।

वाराणसी नखास त्रिमुहानी स्थित लेण्डू चाय वाली गली में भवन संख्या 63/41-1 पर 150 साल पुराने जर्जर दो मंजिला भवन के ऊपर बहुमंजिला अवैध निर्माण का मामला सामने आया है।

इस संबंध में 17 अप्रैल 2026 को वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को दी गई लिखित शिकायत के 16 दिन बाद भी न भवन सील हुआ है, न निर्माण रुका है।

शिकायती पत्र में क्या है आरोप

शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार व कंचन गुप्ता के अनुसार कोतवाली वार्ड जोन-2 के अंतर्गत नखास त्रिमुहानी स्थित उक्त भवन अशोक कुमार गुप्ता पुत्र पारसनाथ गुप्ता के नाम नगर निगम में दर्ज है।

शिकायत में आरोप है कि इस भवन पर राजकुमार गुप्ता पुत्र पारसनाथ गुप्ता द्वारा लगभग 150 साल पुराने जर्जर आधार पर अवैध रूप से बहुमंजिला बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है।

पत्र में कहा गया है कि लगभग 1280 वर्ग फीट क्षेत्रफल में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए, बिना नींव के निर्माण हो रहा है। भवन की लंबाई 44 फीट बताई गई है और निर्माण 4 इंच ईंट की दीवाल पर किया जा रहा है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जर्जर भवन के सटे भवन संख्या 63/41-1 में रहने वाले परिवार को जान का खतरा है। भवन के बाहर निकलने का रास्ता भी बंद कर दिया गया है।

‘बंदीरक्षक का रौब’ का आरोप

शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि निर्माणकर्ता राजकुमार गुप्ता सेंट्रल जेल वाराणसी में पिछले 7 वर्ष से बंदीरक्षक के पद पर तैनात हैं और अपने पद के रौब से अवैध बहुमंजिला बिल्डिंग का निर्माण करा रहे हैं।

तीन फीट की गली, हादसे का डर

मौके पर गली की चौड़ाई मात्र तीन फीट है। 30 अप्रैल 2026 को ली गई GPS टैग्ड तस्वीर में बांस-बल्ली बांधकर निर्माण कार्य जारी दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा हुआ तो मलबा सीधे तंग गली में गिरेगा। फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस के पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है।

16 दिन में कार्रवाई जीरो

17 अप्रैल को दी गई शिकायत की प्रतिलिपि मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त व थाना कोतवाली को भी भेजी गई थी। इसके बावजूद 3 मई तक न तो भवन सील किया गया, न ही FIR दर्ज हुई। हुकुलगंज में दो बार सील बिल्डिंग गिरने से एक बुजुर्ग की मौत के बाद भी VDA की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।

प्रशासन से जवाब तलब

इस संबंध में VDA उपाध्यक्ष कार्यालय से पक्ष जानने का प्रयास किया गया। जवाब मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।

नोट:

यह समाचार 17/04/2026 को VDA को दिए गए शिकायती पत्र व 30/04/2026 की GPS टैग्ड तस्वीर पर आधारित है। पत्र में लगाए गए सभी आरोप जांच का विषय हैं। संबंधित पक्षों का वर्जन आमंत्रित है।

रिपोर्ट –  जगदीश शुक्ला

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