“नर्चर नेचर: एक छात्र, एक पौधा, पक्षियों के लिए एक जलपात्र” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम

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मीरजापुर।

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिण परिसर बरकछा स्थित नर्चरिंग लाइफ स्किल्स सेल द्वारा “नर्चर नेचर: एक छात्र, एक पौधा, पक्षियों के लिए एक जलपात्र” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत “नर्चर नेचर: एक छात्र, एक पौधा, पक्षियों के लिए एक जलपात्र”अभियान का शुभारंभ किया गया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण तथा पक्षियों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। प्रतिभागियों को एक-एक पौधा लगाने, नियमित रूप से उसकी देखभाल करने तथा विशेषकर गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए जलपात्र रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अनेक विद्यार्थियों को पक्षियों के लिए मिट्टी के जलपात्र भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक, कविता पाठ, पौधों को पानी देना, पक्षियों के लिए बर्तन उपलब्ध कराना एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिससे छात्रों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित हो सके।

इस अवसर पर आचार्य प्रभारी प्रो. बी. एम. एन. कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए परिसर को स्वच्छ, हरित एवं सुरक्षित बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से अधिक संख्या में छायादार पौधे लगाने की आवश्यकता बताई, ताकि परिसर में हरियाली बढ़े, पर्यावरण संतुलन मजबूत हो तथा विद्यार्थियों और पक्षियों दोनों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो सके।

उन्होंने इस अभियान में विद्यार्थियों के सक्रिय सहयोग, सहभागिता और जिम्मेदारीपूर्ण योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया तथा सभी से प्रकृति संरक्षण को एक सतत सामूहिक प्रयास के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अर्चना और डॉ. दीपिका कौर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर विभिन्न संकाय सदस्य—प्रो. आशीष सिंह, डॉ. त्रियोगी नाथ, डॉ. त्रिभुवन नाथ, एवं डॉ. राजीव कुमार—तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आयुष द्वारा एंकर के रूप में किया गया। साथ ही, स्वयंसेवकों के रूप में श्रृष्टि सैनी, सोहम मोदी एवं हर्षित द्विवेदी की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षियों की सुरक्षा के प्रति सामूहिक रूप से शपथ (संकल्प) ली, जिसमें उन्होंने पौधों की देखभाल करने और पक्षियों के लिए जल एवं भोजन उपलब्ध कराने का वचन दिया।

 

रिपोर्ट भोलेनाथ यादव

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