चंदौली
एक तरफ सरकार गांव-गांव बिजली पहुंचाने और स्मार्ट व्यवस्था का दावा कर रही है, वहीं चंदौली विकासखंड के ग्राम पखनपुरा की हकीकत सरकारी दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। यहां पासवान, यादव, मुस्लिम और गोंड बस्ती के लोग पिछले तीन वर्षों से अंधेरे में जिंदगी काटने को मजबूर हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि गांव में बिजली के खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन आज तक न तार बिछाया गया और न ही ट्रांसफार्मर लगाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। गांव के लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति हुई, जबकि जमीनी हकीकत आज भी बदहाल है।
बिजली संकट के साथ-साथ गांव की सड़क व्यवस्था भी गंभीर समस्या बनी हुई है। रज्जुपुर-पखनपुरा से तकियापर जाने वाला मुख्य मार्ग गंदगी, जलभराव और कचरे से पटा पड़ा है। नाली व्यवस्था ठप होने से गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है, जिससे ग्रामीणों और बच्चों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित विभागों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर मामला टाल दिया गया। गांव के लोगों में अब नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है।
ग्रामीण संजय प्रसाद, भरत पासवान, गुलाब प्रसाद, नखडू पासवान, सावित्री, सुसुम, निर्मला और सीमा ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल बिजली आपूर्ति शुरू कराई जाए, ट्रांसफार्मर लगाया जाए और मुख्य सड़क की सफाई व जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए।
सवाल यह है कि आखिर तीन साल से खड़े बिजली के खंभे कब रोशनी देंगे?
क्या पखनपुरा के ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए अब भी इंतजार करना पड़ेगा, या प्रशासन इस बार नींद से जागेगा?
रिपोर्ट – अलीम हाशमी











Users Today : 121
Users This Year : 17434
Total Users : 30027
Views Today : 230
Total views : 59510