विगत सैकड़ों वशों से परम्प्रागत रूप से आयोजित होने वाली श्री चित्रकुट रामलीला आश्विनकृष्ण 9 से आश्विन शुक्ल पूर्णिमा तक मानस से वर्जित प्रसंगों के अनुसार पूर्व निर्धारित स्थलों पर लगभग 7 कि०मी० परिधि में परम्परागत रूप से आयोजित होती है। वर्तमान समय श्री चित्रकूट रामलीला समिति के सामने कई समस्याएं उत्पन्न हो गयी है। भरत मिलाप की लीला अपने पूर्ण भव्यता एवं प्राचीनता व ऐतिहासिक महत्व के लिए विष्वविख्यात है जिसमें वाराणसी सहित पूर्वाचल एवं देश-विदेश से भी से भी श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं, जो काशी के लक्खी मेलाओं में शुमार है।
शासन एवं स्थानीय प्रशासन की उदासीनता से नाटी इमली स्थित भरत मिलाप मैदान का मूल स्वरूप एवं उसकी प्राचीनता दिन-प्रतिदिन समाप्त होती जा रही है, जो चिन्ता का विषय है। ज्ञातव्य उहै कि लगभग 4 लाख लीला प्रमियों की होने वाली भीड़ को असुविधाओं एवं कष्ट का सामना करना पड़ता है, जिसके प्रति जिला प्रशासन एवं जन प्रतिनिधि अत्यन्त उदासीन है। परम्परागत रूप से पूर्व वर्षों से भाँति इस वर्ष भी पूर्व काशी नरेश महाराज अनन्त नारायण सिंह अपने दल-बल के साथ भरत मिलाप में सम्मिलित होंगे, जिसका विस्तृत विवरण निम्नवत् है-
1. अपरान्ह 3:15 बजे धूपचण्ड़ी स्थित रामलीला मैदान में पुष्पक विमान का पूजन।
2. अपरान्ह 3:45 बजे पुष्पक विमान पर सवार होकर, राम, लक्ष्मण, जानकी जी अपने सेना प्रमुखों के समेत धूपचण्ड़ी मैदान से नाटी इमली के लिये प्रस्थान करेंगे।
3. सायं 4:00 बजे पुष्पक विमान का आगमन ।
4. उसी समय बड़ागणेश स्थित अयोध्या भवन से भरत, शत्रुघ्न का अयोध्यावासियों के साथ नाटीइमली के लिये प्रस्थान।
इसी दौरान लोहटिया से महाराज अनन्त नारायण सिंह का हाथी पर सवार होकर नाटी इमली मैदान के लिए प्रस्थान। 4:30 बजे भरत, शत्रुध्न एवं अयोध्यावासियों के साथ नाटी इमली मैदान में आगमन। 4:35 पर मंचासीन होकर 4:40 बजे राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुध्न का मिलाप। 4:50 पर भरत मिलाप सम्पन्न। 5:00 बजे चारों भाइयों का सेना प्रमुखों के सहित पुष्पक विमान का अयोध्या (बड़ा गणेश) के लिए प्रस्थान।
सायं 7:00 बजे आरती के साथ भरत मिलाप की लीला सम्पन्न । वर्तमान समय में श्री चित्रकूट रामलीला समिति के सामने कई समस्याएँ उत्पन्न हो गयी है। रामलीला के आयोजन स्थलों पर किसी भी प्रकार का कार्य कराते समय समिति के पदाधिकारियों से कभी कोई राय नही लिया जाता है और ना ही प्रशासन का किसी प्रकार का सहयोगात्मक रूख रहता है। रामलीला समिति के आयोजित स्थलों पर तेजी से अतिक्रमण किया जा रहा है।
रामलीला के आयोजन स्थलों पर किसी भी प्रकार का कार्य कराते समय समिति के पदाधिकारियों से कभी भी राय नही लिया जाता है और ना ही प्रशासन का किसी प्रकार का सहयोगात्मक रूख रहता है। रामलीला समिति के आयोजन स्थलों पर तेजी से अतिक्रमण किया जा रहा है।
ज्ञातव्य है कि धूपचण्डी (चित्रकूट) से अयोध्या बड़ागणेश तक की अत्यन्त खराब सड़कों, जिस पर पैदल चलना मुश्किल है, उस पर नंगे पाँव यादव बन्धुओं द्वारा भारी-भरकम पुष्पक विमान को कंधे पर लेकर चलना समिति द्वारा नगर आयुक्त, जिलाधिकारी, मण्डलायुक्त, पुलिस प्रशासन सहित सम्बन्धित सभी विभागों को एक पखवारा पूर्व ही सड़क मरम्मत कराने, मार्ग के अवरोधकों को हटाने, सफाई करवाने का ज्ञापन दिया जा चुका है,
जिस पर अभी तक अतिक्रमण को हटाने तथा यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने की मांग करते हुए सड़क मरम्मत, सफाई, बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग करते हुए सड़क मरम्मत, सफाई, बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने मांग की है।
समिति ने भरत मिलाप से एक दिन पूर्व चौकाघाट की विख्यात विजयादशमी के लीला सील से सम्बन्धित अत्यन्त क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत एवं निर्माण कार्य कराये जाने की मांगक की है, तासकि रात्रि में चौकाघाट से निकलने वाली विजय यात्रा सकुशल सम्पन्न हो सके, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।










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